पेयजल संकट : टैंकर आते ही खाली बर्तन लेकर दौड़ पड़ते है महिलाएं और बच्चे

पेयजल संकट : टैंकर आते ही खाली बर्तन लेकर दौड़ पड़ते है महिलाएं और बच्चे
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Bharat pandey | Publish: Jun, 23 2016 11:06:00 PM (IST) Sehore, Madhya Pradesh, India

बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रहे एक लाख से अधिक शहरवासी

सीहोर। मानसून ने दस्तक दे दी है। पहले की अपेक्षा मौसम कुछ ठंडा हो गया है, गर्मी से भी राहत मिली है, लेकिन पेयजल संकट चरम पर बना हुआ है। नगर पालिका और विधायक का टैंकर जिस मोहल्ले में पहुंचता है, खाली बर्तन लेकन महिला और बच्चे दौड़ लगाना शुरू कर देते हैं। ट्रैक्टर ड्राइवर टैंकर साइड से खाड़ा भी नहीं कर पाता है कि उससे पहले खाली बर्तनों की लंबी लाइन लग जाती है। जब तक टैंकर खाली नहीं होता है, सभी महिला और बच्चे इस फिराक में रहते हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा पानी भर लें।  गुरुवार को दशहरा वाले बाग में भी टैंकर से पानी भरने को लेकर महिला और बच्चें दौड़ते हुए दिखाई दिए। नगर पालिका इंजीनियरों के खराब मेनेजमेंट के कारण इस बार समय से पहले ही शहर में पानी सप्लाई करने वाले जलाशय सूख गए। गर्मी का सीजन शुरू होने से लेकर अभी तक शहर की एक लाख 10 हजार से अधिक की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज है। महिला और बच्चों को पानी के लिए रतजगा करना पड़ रहा है, शहर में चौतरफा पानी के लिए हाहाकार मची हुई है।

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