जल संकट में मध्यप्रदेश का यह जिला सबसे आगे, यहां का व्यक्ति 15 साल रहा है सीएम

जल संकट में मध्यप्रदेश का यह जिला सबसे आगे, यहां का व्यक्ति 15 साल रहा है सीएम

Kuldeep Saraswat | Publish: Apr, 17 2019 11:41:08 AM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 11:41:09 AM (IST) Sehore, Sehore, Madhya Pradesh, India

दो-दो किलो मीटर दूर से ला रहे पानी, शहर में वाटर सप्लायरों ने बढ़ाए टैंकर के दाम

सीहोर. शहर और गांव में भीषण जलसंकट पैदा हो गया है। पानी के लिए लोग दो-दो किलो मीटर पैदल सफर कर रहे हैं। कुछ लोग दूसरों के घर से पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं। सीहोर शहर में भी पानी के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। दूर से पानी लाने के लिए लोग साइकिल, मोटर साइकिल और ऑटो तक का उपयोग कर रही हैं। नगर पालिका शहर में दो दिन छोड़कर पानी सप्लाई का दावा कर रही है, लेकिन कई क्षेत्र में तीन-तीन दिन तक पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है।

नगर पालिका के रेकॉर्ड के मुताबिक शहर में रोज 90 लाख रुपए लीटर पानी की सप्लाई की जा रही है, इसमें से करीब 20 लाख लीटर पानी लीकेज से बर्बाद हो जाता हे। शहर को आबादी के हिसाब से रोज करीब एक करोड़ 62 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन नगर पालिका महज 90 लाख लीटर पानी की सप्लाई कर रही है। इस हिसाब से शहर का जरूरत के मुताबिक आधा पानी भी नहीं मिल रहा है। नगर पालिका इस समय शहर में काहिरी से 30 लाख, जमोनिया से 40 लाख और भगवानपुरा जलाशय से 20 लाख लीटर पानी की सप्लाई कर रही है। इसके अलावा शहर में जल सप्लाई के लिए करीब 47 ट्यूबवेल और 332 हैंडपंप भी उपयोग में लिए जा रहे हैं।

वाटर सप्लायरों ने बढ़ाए टैंकर के दाम
शहर में जल संकट गहराते देख वाटर सप्लायर सक्रिय हो गए हैं। शहर में करीब 50 प्राइवेट टैंकर पानी की सप्लाई का काम कर रहे हैं। पिछले सप्ताह एक टैंकर 250 से 300 रुपए में बिक रहा था, लेकिन अब 300 से 400 रुपए तक में दिया जा रहा है। गर्मी बढऩे के साथ ही वाटर सप्लायर टैंकर के रेट बढ़ा देते हैं। जल संकट के दौर में प्रशासन की तरफ से इन वाटर सप्लायरों की मनमानी रोकने को लेकर भी अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
वाहन धुलाई सर्विस सेंटर पर पानी की बर्बादी
शहर में करीब एक दर्जन स्थानों पर वाहन धुलाई सर्विस सेंटर संचालित हैं। यहां पर रोज लाखों लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। जिला प्रशासन हर साल गर्मी के सीजन में इन वाहन धुलाई सेंटर पर रोक लगाता है, लेकिन इस बार अभी एक भी वाहन धुलाई सेंटर बंद नहीं कराया गया है।

गांव में भी पानी के लिए जद्दोजहद
शहर के साथ गांव में भी भीषण जलसंकट है। सीहोर जिले में करीब 265 नलजल योजना हैं, जिसमें से अभी करीब 190 चालू हैं। 75 नलजल योजना बिजली कनेक्शन नहीं होने और जल स्तर नीचे जाने के कारण बंद पड़ी है। 8 हजार 953 हैंडपंप में से 300 से ज्यादा बंद हैं।
वर्जन...
- गर्मी के सीजन में जल संकट से निपटने नगर पालिका के पास पर्याप्त पानी है। लीकेज बंद करने का काम अभियान चलाकर किया जा रहा है। 60 से ज्यादा लीकेज बंद किए जा चुके हैं। पानी की कमी है, लेकिन भीषण जल संकट नहीं कह सकते हैं।
अमरसत्य गुप्ता, सीएमओ नगर पालिका सीहोर

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