पानी बर्वाद किया तो होगी कार्रवाई

वाशिंग सेंटर किए बंद, सड़क धोते, मकान निर्माण करते कोई मिला तो खैर नहीं, आसन्न जलसंकट के मद्देनजर आम जनता में लोक परिशांति भंग करने के तहत होगी कार्रव

सीहोर. शहर मेंं जल संकट की स्थिति गंभीर होती जा रही है। पेयजल की भयाभयता को देखते हुए जिला प्रशासन ने वाशिंग सेंटर को पूरी तरह से बंद करने के आदेश दिए हैं। इसी तरह कुआ, हैडपंप, बोरवेल आदि से वाहनों को धोने, घर निर्माण, सड़क धोने आदि पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश आगामी ३० जून तक जारी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पब्लिक न्यूनसेंस मानते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शहर में जल सप्लाई के तीनों जल स्त्रोतों जमोनिया, काहिरी, भगवानपुरा मेेंं पानी खत्म हो चुका है या तली में आ गया है। शहर में पेयजल को लेकर लोगों को रतजगा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोग पसीना निकाल रहे हैं। हालात ऐसे ही रहे तो आगामी दिनों में लोगों को पेयजल के लिए काफी मशक्कत करना पड़ेगी। आसन्न जल संकट को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।

इसके साथ ही पानी के अपव्यय के करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। एसडीएम राजकुमार खत्री ने बताया कि सीएमओ द्वारा सूचित किया है कि कुआ, हैंडपंप, बोरबेल आदि से गाडिय़ों को धोना (घर- सर्विस सेंटर पर), घर निर्माण करना, सड़क धोना आदि नगर में पानी की अनावश्यक रूप से अपव्यय किया जा रहा है। शहर में पेयजल पानी की समस्या बढ़ती जा रही है।

जिससे आम आदमी के जीवन और पशु-पक्षियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही शहर मे कानून की व्यवस्था की स्थिति पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इस काम से आम जन के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और आम जनता में लोक परिशांति भंग की स्थिति निर्मित हो गई है। यह कृत्य दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १३३ के तहत पब्लिक न्यूसेंस की श्रेणी मे आता है।

सीएमओ के प्रतिवेदन के आधार पर संतुष्ठ होकर आदेश पारित किया गया है। शहर की सीमा में गाडिय़ों को घर पर धोने व सर्विस सेंटर पर धोने पर और प्राइवेट घर निर्माण और सड़क धोने पर ३० जून तक जनहित में तत्काल रोक लगाई जाती है। साथ ही नगर के समस्त सर्विस सेंटर, वाशिंग सेंटर को बंद किया जाता है। शहर के किस भी व्यक्ति द्वारा जल का अपव्यय किया जाता है तो उसके विरुद्ध धारा १३३ का उल्लंघन मानते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शहर के १४ जलस्त्रोत अधिग्रहित
प्रशासन ने जल संकट को देखने हुए शहर के १४ जलस्त्रोतों को अधिग्रहित कर लिया है। एसडीएम राजकुमार खत्री ने बताया अधिग्रहित जल स्त्रोतों से प्रशासन द्वारा पेयजल लिया जाकर जल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा। अधिग्रहित नलकूपों बोरिंग में बढिय़ाखेड़ी के दस और चार जमोनिया रोड के शामिल हैं। अधिग्रहित नलकूपों में बढिय़ाखड़ी के मनोज राय, विकास राय, रवि ध्रुवे, उमेश राय, हरीप्रसाद राय गुल्लु परमार, लीला बाई, हटे सिंह ठाकुर, जीवन तिवारी शामिल हैं। इसी तरह जमोनिया रोड के महेन्द्र राठौर, श्याम यादव, बिजौरी के राहुल मालवीय और जमोनिया रोड के स्वामीनारायण ट्रस्ट का कुआ शामिल हैं।

मनमाने रेट पर नहीं बेच पाएंगे टैंकरों से पानी
जल स्त्रोतों को प्रशासन द्वारा अधिग्रहित किए जाने पर टैंकरों के माध्यम से मनमाने तरीके से रूपए लेकर टैंकरों से पानी नहीं बेच पाएंगे।इसके साथ ही जलस्त्रोत स्थानों पर भी टैंकरों के भरने की दर निर्धारित की जा रही है।

वीरेंद्र शिल्पी Desk
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