scriptWriting gave global recognition to this youth of MP Sehore, you know? | एमपी सीहोर के इस युवा को लेखन और नेतृत्व क्षमता ने दिलाई वैश्वक पहचान, आप भी जानें? | Patrika News

एमपी सीहोर के इस युवा को लेखन और नेतृत्व क्षमता ने दिलाई वैश्वक पहचान, आप भी जानें?

शहर के युवा उमेश पंसारी 21 साल की उम्र में कर चुके हैं 21 राज्य की शैक्षणिक यात्रा

सीहोर

Updated: January 15, 2022 05:48:53 pm

सीहोर. प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती है, उसे जब भी, जहां भी मौका मिलता है, अपना स्थान खुद व खुद बना लेती है। सीहोर के ऐसे ही एक युवा हैं उमेश पंसारी, जिन्होंने महज 21 साल की उम्र में अमेरिका, चाइना, जापान, साउथ कोरिया, भूटान, लंदन एवं जर्मन आदि देशों में अपनी लेखन और भाषण की प्रतिभा का जौहर दिखाया है। उमेश पंसारी की प्रतिभा को लेकर उनका नाम असिस्ट वल्र्ड रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकाड्र्स 2018 में भी दर्ज किया गया है। सिल्वर अवार्ड क्वींस कामनवेल्थ कम्पटीशन लंदन 2018 और इसके साथ ही फाइनलिस्ट अवार्ड वल्र्ड यूथ एस्से कम्पटीशन जर्मन 2018 व भारत लीडरशिप अवार्ड 2018 अपने नाम करने वाले उमेश एक ऐसे युवा है, जिन्हें कई संस्थाओं ने अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है।

एमपी सीहोर के इस युवा को लेखन और नेतृत्व क्षमता ने दिलाई वैश्वक पहचान, आप जानें?
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यह गोल्ड फाइनलिस्ट अवार्ड 2019 का खिताब भी अपने नाम किया है। रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी लंदन द्वारा आयोजित क्वींस कॉमनवेल्थ निबंध प्रतियोगिता में उमेश पंसारी लगातार बीते तीन साल से गोल्ड फाइनलिस्ट अवार्ड जीत रहे हैं। देश के 21 राज्य की शैक्षणिक यात्रा कर चुके युवा उमेश कहते हैं कि खुद के केरियर की अपेक्षा युवा समाज के बारे में सोचेंगे तो खुद का तो केरियर बनेगा ही, देश का भी भला हो जाएगा। भारत बहुमुखी प्रतिभा के क्षेत्र में बहुत आगे है और विशेष रूप से युवा वर्ग। असीम प्रतिभा का प्रकाश समाहित है। समाजसेवा से व्यक्तित्व का विकास होता है जो किताबी शिक्षा से नहीं किया जा सकता। कोई भी मार्कशीट व्यक्ति की क्षमता और बुद्धिमत्ता को प्रमाणित नहीं कर सकती। युवाओं को आगे आकर समाज की जिम्मेदारियों को अपनाना चाहिए।

ये भी उपलब्धियां
सिल्वर अवार्ड क्वींस कामनवेल्थ कम्पटीशन लंदन 2018
फाइनलिस्ट अवार्ड वल्र्ड यूथ एस्से कम्पटीशन, जर्मन 2018
भारत लीडरशिप अवार्ड 2018
केंद्रीय भूमि जल बोर्ड राष्ट्रीय निबंध लेखन प्रथम स्थान
आल इंडिया एस्से राइटिंग इवेंट भारत एवं भूटान 2017
वेदांश स्मृति अवार्ड 2017
राजकीय सम्मान 2017
नेशनल रूरल आईटी क्विज बैंगलौर 2016

मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं पंसारी
एलएलबी के पढ़ाई कर रहे उमेश एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। इनके पिता विजय पंसारी सीहोर मंडी क्षेत्र में किराए की बिल्डिंग में किराने की दुकान चलाते हैं। मां ज्योति पंसारी गृहणी हैं और बड़े भाई पवन पंसारी नेहरु युवा केन्द्र में काम करते हैं। सीहोर इंग्लिशपुरा निवासी उमेश इस समय एनएसएस से जुड़कर समाजसेवा के कार्य कर रहे हैं। इन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भी आवेदन किया है।

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