व्यापारियों को सात दिन में गोदाम और भूखंड खाली करने के थमाए नोटिस

व्यापारियों को सात दिन में गोदाम और भूखंड खाली करने के थमाए नोटिस
Agricultural Produce Market Commity

Vishal Yadav | Updated: 15 Sep 2019, 10:45:32 AM (IST) Sendhwa, Barwani, Madhya Pradesh, India

कृषि उपज के बजाए अन्य व्यापार संचालित करने वाले व्यापारियों को सात दिन में खुली करना होगा गोदाम, गोदाम खाली कराने जल्द होगी कार्रवाई

बड़वानी/सेंधवा. कृषि उपज मंडी समिति के प्रशासक मंडी गोदामों और भूखंडों के लीज निरस्त के मामले में 50 से अधिक व्यापारियों को नोटिस देकर 7 दिन में भूखंड और गोदाम खाली करने के निर्देश दिए गए है। प्रशासन के आदेश पर मंडी सचिव ने सभी गोदाम संचालकों को नोटिस दिए है। इसके बाद व्यापारियों में हलचल तेज हो गई है।
कृषि उपज मंडी सेंधवा के प्रशासक और एसडीएम अंशु जावला के निर्देश पर 28 अगस्त को कृषि उपज से जुड़े व्यवसायियों को नोटिस जारी कर कृषि उपज रखने के नाम पर लिए गए गुलामों को पुन: किराये से देना व अन्य व्यापार संचालित करने पर जवाब मांगे गए थे। वहीं प्रशासन ने भूखंडों और गोदामों के संबंध में अनुबंध और अनुज्ञप्ति के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के बाद मंडी सचिव एस कनौजिया ने करीब 54 व्यापारियों को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा गया था। सभी व्यापारियों ने अपने जवाब प्रस्तुत किए थे। मंडी प्रशासन द्वारा जवाबों का परीक्षण किया गया इसके बाद अब कार्रवाई शुरू की है।
54 में से 51 व्यापारियों ने ही दिए थे जवाब
मंडी कार्यालय से जानकारी के अनुसार सचिव द्वारा कुल 54 संचालकों को नोटिस जारी किए थे। इस दौरान व्यापारियों को वर्ष 1966 के मंडी एक्ट के प्रावधानों के तहत कृषि उपज मंडी ना करते हुए अन्य व्यवसाय संचालित करने के कारण लीज निरस्त करने की बात कही गई थी। मुकेश के दौरान हर व्यापारियों को 260 स्क्वायर फीट भूखंड लीज पर दिए जाने का उल्लेख था। जिसका अनुबंध किसी भी व्यापारी द्वारा नहीं कराया जाना लापरवाही का कारण बना। प्रशासन द्वारा मंडी एक्ट 1966 के प्रावधानों की शर्त क्रमांक 12 व 13 के उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने और स्टांप ड्यूटी की चोरी और शासन को राजस्व के नुकसान जैसे बेहद गंभीर बिंदुओं पर कार्रवाई की बात कही गई। पूर्व में व्यापारियों को दिए गए नोटिस में इस बात का भी उल्लेख किया है कि मध्य प्रदेश कृषि उपज मंडी भूमि एवं संरचना का आवंटन अधिनियम 2009 के नियम क्रमांक 3(5) के उल्लंघन का मामला बताया गया था। व्यापारियों द्वारा अपने अनुभव और गोदामों को मोटे किराये पर अन्य व्यापारियों को देना मंडी प्रावधान 1966 की शर्तों के अनुसार बिंदु क्रमांक 5ए21 कभी सीधा उल्लंघन होना पाया गया था।
7 दिन में भूखंड और गोदाम खाली करने का दिया अल्टीमेटम
प्रशासक और एसडीएम अंशु जावला ने बताया कि शनिवार को सभी व्यापारियों को नोटिस जारी कर कृषि उपज मंडी समिति सेंधवा के मंडी प्रांगण में स्थित विभिन्न भूखंडों का अधिपत्य वापस मंडी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापारियों को इसके लिए 7 दिन का समय दिया गया है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासन अपने स्तर पर भूखंड खाली कराएगा। मंडी सचिव द्वारा जो नोटिस जारी किया गया है। उसमें व्यापारियों द्वारा 2 सप्ताह पूर्व दिए गए अपने जवाब के साथ आवंटन संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना, भूखंडों और गोदामों की लीज के अनुबंध की कार्रवाई पूर्ण नहीं करने, भूखंड पर भवन निर्माण किए जाने सहित कई मामलों को आधार बनाकर नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में अधिकारियों ने व्यापारियों के जवाब को अमान्य करते हुए 7 दिन के अंदर भूखंड एवं संरचना खाली कर मंडी समिति को आधिपत्य सौंपने को कहा है। जिन व्यापारियों द्वारा निर्देश का पालन नहीं किया जाएगा उनके विरुद्ध एक पक्षी कार्रवाई कर खर्चा और हर्जाना वसूल करने के निर्देश दिए गए हैं।
भूखंडों पर अतिक्रमण और कम किराया चर्चा का विषय
जबसे मंडी में 54 लीज धारियों को नोटिस जारी किया है। तभी से इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर मंडी गोदाम इन व्यवसायियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है। जबकि व्यवसाई कृषि उपज का कोई कारोबार नहीं करते है। सूत्रों का कहना है कि मंडी प्रशासन ने प्रत्येक व्यवसाई को 240 स्क्वायर फीट का भूखंड मात्र 75 रुपए प्रतिवर्ष की दर पर आवंटित किया था। बाद में ये राशि 225 रुपए प्रति वर्ष कर दी गई थी। कई व्यवसायियों द्वारा अपने भूखंडों की सीमा के अलावा भी अतिक्रमण कर रखा है। इसकी जांच होनी चाहिए। व्यवसायियों द्वारा अपने भूखंडों को अन्य व्यापारियों को लाखों रुपए लेनदेन कर बेचने की भी चर्चा की जा रही है। वर्तमान में मंडी परिसर में 50 से अधिक भूखंड लीज पर दिए गए है। यदि प्रशासन इन्हें रद्द करके भूखंड खाली कराता है, तो व्यवसायियों को लाखों रुपए का नुकसान होने की संभावना है। वहीं उनके लिए शहर में अपना व्यवसाय संचालित करने के लिए जगह की कमी है। इन कारणों से भी व्यवसाय अपना भूखंड नहीं छोडऩा चाहते है।
वर्जन...
शनिवार को सभी व्यापारियों को नोटिस जारी करके कृषि उपज मंडी समिति सेंधवा के मंडी प्रांगण में स्थित विभिन्न भूखंडों का अधिपत्य वापस मंडी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापारियों को इसके लिए 7 दिन का समय दिया गया है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो प्रशासन अपने स्तर पर भूखंड खाली कराएगा।
-अंशु जावला, प्रशासक और एसडीएम सेंधवा

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