जहां होना चाहिए थे लाखों पेड़, वहां अब है सूखे मैदान

जहां होना चाहिए थे लाखों पेड़, वहां अब है सूखे मैदान
Millions of trees dry

Vishal Yadav | Updated: 26 May 2019, 11:37:16 AM (IST) Sendhwa, Barwani, Madhya Pradesh, India

विकासखंड में लगाए थे 2 लाख 40 हजार पौधे, अधिकतर पौधे सूखे, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही

बड़वानी/सेंधवा. नदी संरक्षण अभियान व विश्व कीर्तिमान के तहत करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में स्कूली विद्यार्थी, ग्रामीण, शासकीय कर्मचारियों, स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से शासकीय व निजी जमीन पर 2 लाख से अधिक लगाए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से लाखों पौधों का अस्तित्व खत्म हो चुका है। अब कुछ दिनों बाद बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। इसके बाद प्रशासन फिर से नए पौधरोपण में करने में जुट जाएगा, लेकिन पूर्व में पौधे लगाकर भूले अफसर गंभीर नहीं दिखते।
जहां हरियाली की थी उम्मीद, वहां है अब खाली गड्ढे
पिछले वर्ष नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों चिह्नित स्थानों पर वन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ विभाग, विद्युत वितरण कंपनी, जल संसाधन विभाग, जनपद पंचायत व जल संसाधन विभाग सहित कई विभागों ने हजारों पौधे लगाए थे। इस कार्य में ग्रामीणों, स्कूली विद्यार्थियों व अफसरों ने सहयोग दिया था। इतने बड़े आयोजन पर पौधों के परिवहन, अधिकारियों की मॉनिटरिंग, मजदूरों, ग्रामीणों व स्कूली विद्यार्थियों के भोजन की व्यवस्था सहित अन्य कार्यों पर लाखों रूपया खर्च किया था, लेकिन वर्तमान में जिन स्थानों पर हरियाली दिखाई देनी चाहिए थी। वहां सूखे पौधे और गड्ढों के अलावा कुछ नहीं है।
पूर्व मंत्री की मौजूदगी में रौपे गए थे पौधे गड्ढों में हुए तब्दील
डेढ़ वर्ष पूर्व 2 जुलाई को अभियान के दौरान पूर्व मंत्री अंतरसिंग आर्य, तत्कालीन डीएफओ एसके राय और एसडीएम शिवम वर्मा की मौजूदगी में सैकड़ों कर्मचारियों व ग्रामीणों की मौजूदगी में हजारों पौधे रौपे गए थे, लेकिन वर्तमान में अधिकतर पौधे सूख गए है। जानकारी के अनुसार वन कक्ष क्रमांक 706 धनोरा परिक्षेत्र में 20 हैक्टेयर क्षेत्र में सागवान, बांस, बहेड़ा, चिरौली, नीम, सफेद खेर, करंज आदि के हजारों पौधे रौपे थे, लेकिन अधिकारियों की देख-रेख में अनदेखी व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के बाद सैकड़ों पौधे सूख गए।
किसानों की थी अपील
आयोजन में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किसानों से अपील की थी कि वह खेतों की मेढ़ों, रोड किनारे, शांतिधाम में पौधे लगाएंगे, लेकिन अभियान के बाद ऐसा कुछ नहीं हुआ। जो पौधे विभाग द्वारा लगाए गए थे, उनकी देख-रेख के लिए कोई आगे नहीं आया। अभियान सिर्फ अभियान 1 दिन का बनकर रह गया। उस दौरान भी पूर्व मंत्री आर्य ने कार्यकर्ताओं से कहा था कि आप सिर्फ फोटो खिंचाने के लिए पौधरोपण ना करें। सही मायने में पौधरोपण करना है। वर्तमान में हजारों पौधे सूख चुके है।
ये भी जाने
-अभियान के तहत 2 लाख से अधिक लगाए पौधे थे
-शहरी व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर 226 0 जगह पौधरोपण
-अभियान के तहत लगे करीब 25 लाख पौधे
-2393 स्टीवर्ड रहे तैनात
-पौधरोपण स्थलों पर 6 432 गवाहों की लगाई गई थी ड्यूटी
-अभियान के पहले सेंधवा सहित निवाली चाटली आदि क्षेत्रों की नर्सरियों से हजारों पौधों की मांग होने से नर्सरियां खाली हो गई थी।
वर्जन...
कुछ पथरीली जमीन होने से पौधे नहीं पनपते है। तेज धूप और पानी की कमी होने से भी पौधे सूखते है।
-विशाल यादव, डिप्टी रेंजर सेंधवा

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