असंतुलित होकर गड्ढे में पलटी बस, 17 यात्री घायल, 3 महिलाएं गंभीर

असंतुलित होकर गड्ढे में पलटी बस, 17 यात्री घायल, 3 महिलाएं गंभीर
Passenger injured in bus accident

Vishal Yadav | Updated: 14 Sep 2019, 08:13:10 PM (IST) Sendhwa, Barwani, Madhya Pradesh, India

बस पलटने से यात्री हुए घायल, सड़क पर कीचड़ या स्टेयरिंग फेल हो सकता है घटना कारण, अस्पताल में नहीं थी घायल महिलाओं के इलाज में प्राइवेसी

बड़वानी/सेंधवा.
सेंधवा से करीब 10 किमी दूर ग्राम नवलपुरा के समीप बलवाड़ी से सेंधवा आ रही यात्री बस असंतुलित होकर गड्ढे में पलट गई। इसमें 3 महिला, 2 बच्चों सहित 15 लोगों को चोट आई है। इसमें महिलाएं गंभीर घायल हुई। हादसे के बाद घायलों को ऑटो सहित एंबुलेंस में सेंधवा स्थित सिविल अस्पताल लाया गया।
शनिवार दोपहर करीब 11.30 बजे बलवाड़ी से सेंधवा की ओर आ रही यात्री बस एमएच 05 एस 3015 नवलपुरा के समीप असंतुलित होकर पलट गई। यात्रियों ने बताया कि बस की गति तेज थी। वहीं पुलिस कीचड़ और स्टेयरिंग फेल होने की वजह बता रही है। हालांकि हादसे का मुख्य कारण जांच का विषय है। बस भाजपा नेता की बताई जा रही है। हादसे के बाद आसपास के रहवासी बचाव कार्य के लिए दौड़े और उन्होंने बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। वहीं कंडक्टर जो कि बस में टिकट ले रहा था। उसे भी मामूली चोट आई है।
कुछ दूर पर था हाईटेंशन लाइन का पोल
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस स्थान पर बस पलटी खाई है। वहीं से कुछ दूरी पर हाईटेंशन लाइन का पोल था। यदि बस पोल से टकरा जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद सड़क से गुजर रही ऑटो से 3 घायलों को सिविल अस्पताल सेंधवा लाया गया। सिविल अस्पताल में पदस्थ स्वास्थ्य समंवयक मोहन वाघरे ने अस्पताल की एंबुलेंस को घटनास्थल पर भेजा। वहीं अन्य 108 एंबुलेंस को भी घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इसके बाद अन्य घायलों को अस्पताल लाया जा सका। पुलिस वाहन सहित डायल 100 से भी कुछ घायलों को अस्पताल लाया गया। अस्पताल स्टाफ घटना की सूचना के बाद अलर्ट पर था। जैसे ही घायल अस्पताल पहुंचे, उनका इलाज शुरू कर दिया गया। एक साथ इतने सारे घायल आने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर घायल को लाने ले जाने के अलावा कर्मचारी घायलों को अपनी गोद में उठाकर ले गए। घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल परिसर में भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण थाना पुलिस के एसआई नागराज ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के नाम सहित जरूरी जानकारी जुटाई। पुलिस हादसे का कारण स्टेयरिंग फेल होना बता रही है। हालांकि घायलों का कहना है कि ड्राइवर तेज गति से बस चला रहा था। इससे बस असंतुलित हुई और गड्ढे में जा गिरी।
फिर दिखी कॉटन की समस्या, बांधने वाली पट्टी से ही कर दिया ड्रेसिंग
हादसे के बाद जब घायलों को सिविल अस्पताल लाया गया, तो यहां पर घायलों के जख्मों को साफ करने के लिए कॉटन उपलब्ध नहीं था। इससे घाव को बांधने वाली पट्टी से ही घाव साफ किए और उन्हीं पर दवाई लगा कर बांध दिया गया। पिछले कई महीनों से अस्पताल प्रशासन के पास कॉटन उपलब्ध नहीं है। कई बार समस्या बताई जाने पर भी जिम्मेदार इस और ध्यान नहीं दे रहे है। पिछले दिनों जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जल्द ही कॉटन की खरीदी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्णय ठंडे बस्ते में चला गया। शनिवार को सिविल अस्पताल में एक साथ इतने सारे घायल आने के बाद अव्यवस्था तो नहीं रही, लेकिन कॉटन की कमी के चलते घायलों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हादसे में महिला अधिवक्ता संध्या भावसार सहित ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी भी शामिल है। महिला अधिकवक्ता के घायल होने की सूचना के बाद कई कोर्ट के अधिवक्ता सिविल अस्पताल पहुंचे और संध्या भावसार के स्वास्थ्य के संबंध में चिकित्सकों से चर्चा की।
अस्पताल में नहीं थी घायल महिलाओं के इलाज में प्राइवेसी
सड़क हादसे में घायल महिलाओं को जब सिविल अस्पताल लाया गया, तो उन्हें अन्य पुरुष घायलों के साथ ही रखा गया। उनके इलाज के दौरान महिलाओं की निजात का ध्यान नहीं रखा गया। इस दौरान जिस हाल में पुरुषों का इलाज किया गया। उसी हाल में महिलाओं का भी इलाज कराया गया। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई। वहां पर पानी भरा हुआ था। इससे कई घायल पानी में भीग गए। महिलाओं को जब अस्पताल लाया गया तो उनके उनकी प्राइवेसी का ध्यान नहीं रखते हुए पुरुषों के साथ ही उनका इलाज किया गया। ये देखकर कई लोगों ने नाराजगी जाहिर की लोगों ने कहा कि महिलाओं के इलाज के दौरान प्राइवेसी या पर्दा लगाया जाना चाहिए। इससे उन्हें शर्मिंदा ना होना पड़े। पूर्व में भी कई मामले आए है। इनमें महिलाओं के इलाज में कोई प्राइवेसी नहीं बरती जाती है जो गलत है।
ये हुए घायल
-सुनीता पति जगदीश सोलंकी धवली निवासी धवली से आ रही थी।
-संगीता पति सुरेश अहिरे निवासी नवलपुरा गांव से शहर आ रहे थे।
-कविता पति सुनील किराड़े निवासी सालिकला सोनखेड़ी से सालिकला जा रहे थे।
-माही पिता सुनील किराड़े
-शर्मिला पिता चंपालाल किराड़े निवासी सालिकला
-दुर्गा पति रणजीत निवासी खरगोन सोनखेड़ी से शहर आ रही थी।
-एडवोकेट संध्या भावसार निवासी बालवाड़ी से सेंधवा आ रहे थे।
-टकली पति राजेंश किराड़े निवासी गेरुघाटी में पदस्थ एएनएम
-शांतिलाल पिता भंगड़ा निवासी गोंदीए गोंदी से सेंधवा आ रहे थे।
-चमार पिता दासरिया निवासी चिचबा झापड़ी से सेंधवा आ रहा था।
- रेमसिंग पिता धनसिंग निवासी भमनिया अंजनगांव से सेंधवा आ रही थी।
-छाया पिता सुमसिंग ठाकुर निवासी सोनखेड़ी आशा कार्यकर्ता चिरमिरिया
-सरिता पति हरसिंग सोनखेड़ी आशा कार्यकर्ता अंबापनी
-अशोक पिता दशरथ निवासी छोटा जुलवानिया सेंधवा आ रहे थे।
-शंकर पिता पंचालाल निवासी गेरुघाटी सेंधवा आ रहे थे।
-रमजान पिता बाबू (29) बस कंडक्टर, बस चालक अशोक आर्य फरार
-जितेंद्र पिता वि_ल पाटिल (23) वरला
-हादसे में दुर्गा पति रणजीत, टकली पति राजेश और संध्या भावसार गंभीर थी।
वर्जन...
सिविल अस्पताल में कॉटन की कमी को जल्दी दूर करने के लिए जिला स्तर सहित प्रदेश स्तर पर बात करेंगे। दुर्घटनाओं में घायल महिलाओं सहित अन्य महिलाओं की प्राइवेसी का ध्यान रखा जाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कई अवसरों पर शिकायत मिली है। ये लापरवाही नहीं चलेगी। अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश देंगे कि वह महिलाओं की निजता का ध्यान रखें।
-ग्यारसीलाल रावत, विधायक सेंधवा
सिविल अस्पताल में महिलाओं की प्रायवेसी का ध्यान रखना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। बीएमओ को जल्द निर्देशित करेंगे।
-अंशु जावला, एसडीएमए सेंधवा

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