7 दिन का समय पूरा, 47 व्यापारी पहुंचे हाईकोर्ट

बुधवार से मंडी शुरू करेगी कार्रवाई, मंडी के भूखंडों की लीज का मामला

बड़वानी/सेंधवा. मंडी के भूखंडों की लीज के मामले में व्यापारी अब हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए है। मंडी अधिकारियों ने बताया कि 47 व्यापारियों ने हाईकोर्ट में पिटीशन लगा दी है। कोर्ट में व्यापारियों द्वारा अपना मत रखा जाएगा। मंडी अधिकारी भी व्यापारियों द्वारा किए गए अधिनियम और शर्तों के उल्लंघन का ब्यौरा कोर्ट में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे है। इधर भूखंडधारी समिति के संयोजक के आवेदन पर एसडीएम द्वारा खाली करने का 7 दिन का समय मंगलवार को पूरा हो रहा है। बुधवार से मंडी अधिकारी फिर से सभी भूखंडों पर कार्रवाई शुरू करेंगे।
व्यापारियों की कमियों को पेश किया जाएगा
कृषि उपज मंडी की भार साधक अधिकारी व एसडीएम अंशु जावला ने बताया कि यदि व्यापारी कोर्ट गए है, तो जाने दें। हाईकोर्ट में व्यापारियों की उन कमियों को पेश किया जाएगा। जो उन्होंने शर्तों का उल्लंघन और अधिनियम के विपरीत कार्य कर की है। मंडी के अधिकारियों ने बताया कि मंडी एक्ट 1966 सहित अधिनियम 2009 के तहत कई धाराओं में मंडी व्यापारी नियमानुसार नहीं है। वर्ष 1995 में मंडी प्रशासन द्वारा दीवानी प्रकरण में करीब 25 घंटेधारियों की लीज समाप्त कर आई थी। इस दौरान न्यायालय में मंडी प्रशासन के पक्ष में फैसला दिया था। उस समय कुल 86 भूखंड धारियों में से 25 भूखंडधारियों ने नियम अनुसार शर्तें पूरी नहीं की थी वहीं ये सभी नियम विपरीत कार्य करते पाए गए थे। इसलिए न्यायालय ने सभी भूखंड भूखंड धारियों के सामित्व को समाप्त कर दिया था। इसी निर्णय को आधार बनाकर हम हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। हालांकि मंडी द्वारा कोर्ट केविएट दाखिल कर रखी है। इससे न्यायालय मंडी के पक्ष को सुनेगा।
जारी है गए कृषि संबंधी कार्य
कृषि उपज मंडी द्वारा व्यापारियों को दिए गए नोटिस और व्यापरियों द्वारा हाईकोर्ट का रूख करने के बीच मंडी के गोदामों में अभी भी गैर कृषि कार्य संबंधी व्यापर का संचालन किया जा रहा है। मंगलवार को एसडीएम द्वारा दी गई समयावधि ख़त्म होने के बाद गोदामों को खाली कराया जाएगा। हाईकोर्ट में व्यापारियों की पिटीशन स्वीकार होती है, तो भी मंडी प्रशासन को मंडी में संचालित गैर कृषि कार्यों से संबंधित व्यापार को हटाने का अधिकार है।
इन मुद्दों पर व्यापारियों को कोर्ट में देना है जवाब
यदि व्यापारियों द्वारा हाईकोर्ट की शरण ली गई, तो मंडी प्रशासन अपने स्तर पर हाईकोर्ट में जवाब देने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक कुल 54 भूखंडधारियों में से करीब 33 भूखंड धारी ऐसे है। जिन्होंने 1 वर्ष या इससे अधिक समय से शुल्क राशि का भुगतान नहीं किया है। जबकि कार्यालय द्वारा समय-समय पर इन्हें अवगत कराया गया। वर्ष 2009 के बाद से 54 भूखंड धारियों में से 40 से अधिक ऐसे व्यापारी है। जिनके लाइसेंस नहीं बने हैं। इस जानकारी के बाद मंडी प्रशासन ने सभी भूखंडों के नवीनीकरण को निरस्त कर दिया।
वर्जन...
हम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। बुधवार से भूखंडों को मंडी अधिपत्य में लेने की कार्रवाई शुरू होगी।
-अंशु जावला, एसडीएम सेंधवा

vishal yadav
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