उमर्टी के जंगलों से निकलकर शहर के पास तक पहुंचे अवैध हथियार बनाने के कारखाने और तस्कर

उमर्टी के जंगलों से निकलकर शहर के पास तक पहुंचे अवैध हथियार बनाने के कारखाने और तस्कर
The business of creating and selling illegal pistols in Sendhwa

Vishal Yadav | Updated: 26 Jul 2019, 10:55:50 AM (IST) Sendhwa, Barwani, Madhya Pradesh, India

नगर के युवाओं की जद में पहुंचा अवैध पिस्टल बनाने और बेचने का कारोबार, जंगलों से रिहाइशी इलाकों में तस्करों की हलचल पुलिस के लिए चुनौती, देशी पिस्टल निर्माण और बिक्री का मामला

बड़वानी/सेंधवा. शहर थाना पुलिस सहित वरला थाना पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मंगलवार को नगर से कुछ किमी दूर ग्राम शाहपुरा में सिकलीगर को धरदबोचा था। जब पुलिस ने मामले की जांच की, तो सिकलीगर के घर से मौत का सामान बनाने के औजार, हथियार व जिंदा कारतूस जब्त हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम से पुलिस विभाग के लिए भविष्य की नई चुनौती तैयार हो गई है। उमर्टी के जंगलों में बनने वाले अवैध हथियारों का निर्माण अब नगर के करीब पहुंच गया है। इससे क्षेत्र में अवैध हथियारों की आसान पहुंच अपराधों को बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
मंगलवार को शहर थाना पुलिस और वरला पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने संयुक्त कार्रवाई कर शाहपुरा निवासी जयसिंह पिता मंगल सिंह बरनाला को पकड़ा था। गुना के युवक अरविंद पिता लालजीराम राजपूत को 16 हजार में दो पिस्टल बेची थी। इस पूरे अपराध के बीच एक नया तथ्य उभरकर आ रहा है कि अवैध हथियारों का निर्माण जो बलवाड़ी क्षेत्र के सीमावर्ती गांव उमर्टी के जंगलों तक सीमित था। अब वहां सेंधवा नगर के समीप के ग्रामीण क्षेत्र में आ चुका है। पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा उमर्टी के जंगलों में निगरानी और कार्रवाई के चलते हथियार निर्माण में लिप्त सिकलीगर अब अपने ठिकाने बदल रहे है। उमर्टी के जंगलों से अवैध देशी पिस्टल निर्माण का काला कारोबार सेंधवा के रिहायशी क्षेत्रों तक आ पहुंचा है, जो भविष्य में गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
सेंधवा का बढ़ रहा आपराधिक रिकॉर्ड, चुनौती
सेंधवा क्षेत्र का अपराधिक रिकॉर्ड देखें तो यहां पर अवैध गतिविधियों की लंबी सूची बन जाती है। सेंधवा क्षेत्र सीमावर्ती होने के साथ ही अशिक्षित बहुल लोगों से घिरा हुआ है। यहां पर हर तरह के अवैध काम जैसे अवैध देसी विदेशी शराब की बिक्री, जुआ सट्टा, अवैध वसूली, गोलियां चलाकर दहशत फैलाना, मारपीट और हत्या सहित कई अपराध पिछले कई वर्षों से होते आ रहे है। ऐसे में नगर के करीब पिस्टल बनाने का अवैध कारखाना पकड़े जाने से अपराध बढऩे और युवाओं के भटकने के आसार बढ़ गए है।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
नगर के करीब हथियारों का अवैध निर्माण पकड़ा जाना पुलिस विभाग के अधिकारियों के लिए भी चिंता का सबब है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में कई अवैध कारोबार संचालित किए जाते रहे है, लेकिन मौत का सामान तैयार करने वाली गतिविधियां कुछ एक क्षेत्र में ही सीमित थी। शाहपुरा में अवैध हथियारों के निर्माण का मामला सामने आने से पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को इस पर गंभीरता से विचार करना होगा और जल्द प्लान बनाकर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना होगा। अन्यथा सेंधवा सहित जिले में अपराधों के दौरान अवैध हथियारों का उपयोग बढ़ सकता है।
प्रशासन की पुनर्वास की सभी योजनाएं फेल
अवैध हथियारों के निर्माण के लिए प्रदेश सहित पूरे देश में बदनाम हो चुके उमर्टी के सिकलीगरों के लिए जिला प्रशासन ने कई कैंप लगाकर उन्हें मुख्यधारा से जोडऩे का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन के सभी प्रयास अभी तक नाकाम साबित हुए है। हालांकि सिकलीगर समाज के कई लोग मुख्यधारा में शामिल होना चाहते है, लेकिन उनकी अपनी मजबूरियों के चलते वे सामान्य रोजगार नहीं पा सके है। जिस कारण से कई लोग अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए अवैध हथियारों के निर्माण में सक्रिय है।
3 कलेक्टर और 2 एसपी के प्रयास भी असफल
3 वर्ष पूर्व तत्कालीन कलेक्टर अजयसिंह गंगवार सबसे पहले एसपी तिलक सिंह के साथ ग्राम उमर्टी में शिविर का आयोजन किया था। शिविर के माध्यम से सिकलीगर परिवारों का डाटा एकत्र किया गया था। इस दौरान अधिकारियों ने सिकलीगर समाज के लोगों को मुख्यधारा से जोडऩे का प्रयास करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में योजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद बड़वानी कलेक्टर रवींद्र सिंह, तेजस्वी नायक ने भी उमर्टी जाकर सिकलीगर समाज को मुख्य धारा से जोडऩे का प्रयास किया था, लेकिन अभी तक प्रशासन इसमें सफल नहीं हो पाया है। हालांकि सिकलीगर समाज के कई युवा शिक्षक सहित अन्य व्यवसाय से जुड़े है, लेकिन अभी तक सभी परिवारों को सामान्य रोजगार और से नहीं जोड़ा जा सका है जो चिंता का विषय है।
वर्जन...
सेंधवा नगर के समीप पर अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री गंभीरता का विषय है। ये पुलिस के लिए गंभीर चुनौती है कि नगर के समीप इस तरह की अवैध गतिविधियां संचालित हो रही है। पुलिस विभाग जल्द ही पूरे मामले का परीक्षण कर सख्त कार्रवाई करेगा। सिकलीगर समाज के उन लोगों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए क्या प्रयास किए जा सकते है, इसका परीक्षण किया जाएगा।
-डीआर तेनीवार, एसपी बड़वानी

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