न्यायाधीश की समझाइस के बाद फिर साथ रहने को राजी हुए 18 जोड़े

लोक अदालत के दौरान जिले में 17 खण्डपीठ पर हुई सुनवाई 3418 लोगों को मिला लाभ

By: sunil vanderwar

Updated: 10 Jul 2021, 09:54 PM IST

सिवनी. जिले में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में आई कमी के बाद शनिवार को जिला न्यायालय सिवनी, तहसील न्यायालय लखनादौन में नेशनल लोक अदालत में 3418 लोग लाभांवित हुए, जिनसे 4 करोड़ 65 लाख 69 हजार 286 रुपए का संव्यवहार हुआ। लोक अदालत में वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के मामले भी पहुंचे, जिसमें न्यायाधीश की समझाइस दी गई, इसके बाद १८ जोड़े एक साथ रहने को राजी हुए, वहीं ९ ऐसे पति-पत्नी के जोड़े थे, जिन्होंने न्यायालय से ही साथ जाने की रजामंदी दी।

न्यायाधीश ने कहा हमने देखी है अपनों की क्षति -
लोक अदालत के आरंभ में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा द्वारा पौधारोपण कर बताया कि कोरोना संक्रमण काल में हमने अपनों की क्षति ऑक्सीजन की अनुपलब्धतता होने के कारण देखी है। पर्यावरण को स्वच्छ एवं जनजीवन स्वस्थ्य बनाने तथा ऑक्सीजन की उपलब्धतता के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। वृक्षारोपण को आज के परिवेश में एक जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता है। वास्तव में यदि पेड़ नहीं होते तो धरती पर जनजीवन नहीं होता। पौधारोपण कर पर्यावरण को बचाने का संकल्प हम सभी को लेनेे की सभी को जरूरत है। यह हमारा कर्तव्य है कि पर्यावरण सुधार के लिए अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करें।
17 खंडपीठों में रखे गए समझौता योग्य प्रकरण
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिवनी पीके शर्मा के निर्देशन में सिवनी और लखनादौन में आयोजित की गई लोक अदालत में दीवानी एवं दांडिक न्यायालयों की खंडपीठें गठित की गई। कुल 17 खंडपीठों में समझौता योग्य प्रकरण 2479 रखे गए, जिनमें 463 प्रकरण निराकृत किए गए। धारा 138 अर्थात चैक बाउन्स के 630 प्रकरण रखे गए, जिनमें 38 प्रकरणों में 5983007 रूपए की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। परिवार न्यायालयों से 26 प्रकरण निराकृत हुये। सिवनी परिवार न्यायालय से निराकृत 23 प्रकरणों में राजीनामा हुए जिसमें से 18 प्रकरणों में पति-पत्नी साथ में रहने के लिए सहमत हुउ और 9 प्रकरणों में न्यायालय से ही पति पत्नी साथ में घर गये। न्यायालय से साथ में जाने वाले पति पत्नी को प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा मिठाई का डिब्बा तथा एक-एक पौधा भेंट करते हुए सुखमय जीवन की कामना प्रदान की। एक प्रकरण में स्वयं प्रधान जिला न्यायाधीश ने 1 घण्टे तक पक्षकारों को समझाईश दी जिसके बाद वे साथ में जाने के लिए सहमत हुए।
पारिवारिक विवाद के रखे २२२ प्रकरण -
इसी तरह मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा के 652 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 53 प्रकरणों में 11989000 रूपये राशि का अवार्ड पारित किया गया। अन्य सिविल प्रकरण 274 रखे गये, जिनमें 24 प्रकरणों में 1621830 रूपये की समझौता राशि का आदेश पारित हुआ। विद्युत अधिनियम के 30 प्रकरण रखे गए, जिनमें 11 प्रकरणों में 256618 रूपये समझौता राशि का आदेश पारित किया गया। पारिवारिक विवाद से संबंधित 222 प्रकरण रखे गये थे, जिनमें 26 प्रकरण निराकृत हुए। इसी प्रकार पूर्व वाद प्रकरणों में बैंक वसूली के 3104 प्रकरण रखे गए, जिनमें 201 प्रकरणों में आपसी समझौते से 3769090 रूपये की राशि की वसूली की गई। विद्युत अधिनियम के पूर्व वाद प्रकरण 744 रखे गए जिनमें 240 प्रकरणों में 1894109 रूपए की वसूली हुई। नगरपालिका से संबंधित जलकर के 584 प्रकरण रखे गए जिनमें 228 प्रकरणों में 15147100 रूपये की जलकर की राशि वसूल की गई। इन सभी मामलों का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति से हुआ।
इन न्यायालय में हुई मामलों की सुनवाई
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पक्षकारों को आपसी रजामंदी के द्वारा मामलों के निराकरण के लिए बधाई दी, वहीं जिला मुख्यालय सिवनी में आशिता श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय में राजर्षि श्रीवास्तव प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संदीप श्रीवास्तव तृतीय अपर जिला एवं न्यायाधीश, सुनील कुमार मिश्र चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश तथा लखनादौन मुख्यालय पर आशुतोष अग्रवाल प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संजयराज ठाकुर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लखनादौन ने अपनी-अपनी खंडपीठों की अध्यक्षता की गई। जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट सुचिता श्रीवास्तव, अपर्णा आर. शर्मा, संगीता पंद्राम, कमला उइके, राजू पंदे्र, शिवांगी सिंह परिहार तथा तहसील न्यायालय लखनादौन में चैनवती ताराम, सचिन ज्योतिषी, अनुदिता चैरसिया, नृपेन्द्र सिंह परिहार में नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किया। आरंभ में रूद्रदेव राहंगडाले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सुनीता खण्डायक अपर कलेक्टर एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहे।
शिक्षक की हादसे में हुई मौत पर बीमा का दिलाया क्लेम
विशेष प्रकरणों में लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा के न्यायालय से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में मृतक स्व. विनोद कुमार ठाकुर उम्र 47 वर्ष शासकीय प्राथमिक शाला ग्वारी में शिक्षक के पद पर पदस्थ थे। 06 जून 2018 को रात्रि लगभग 09 बजे मृतक ग्राम डूंडासिवनी से अपनी साईकिल से अपने घर सिवनी की ओर सड़क के बांई ओर से जा रहा था, तभी विपरीत दिशा बरघाट की ओर जाने वाली पिकअप वाहन के चालक सोएब खान ने उपेक्षा व लापरवाही से वाहन चलाकर मृतक की साईकिल में ठोकर मार दी, जिससे विनोद की घटनास्थल पर मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी सुधा ठाकुर एवं पुत्रियां वैशाली, स्वाती ठाकुर, मीनाक्षी ठाकुर की ओर से अधिवक्ता सज्जाद अनवर खान ने प्रधान जिला न्यायाधीश के अधिकरण में 13145000 का दावा सोएब खान, रहमान खान तथा यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के विरूद्ध प्रस्तुत किया, जिसमें यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अधिवक्ता अश्विनी चैरसिया ने पैरवी की। इस प्रकरण में माननीय प्रधान न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा के अथक प्रयासों से 4975000 में राजीनामा हुआ है। बीमा कंपनी के अधिवक्ता चौरसिया ने बताया कि जबलपुर संभाग में किसी भी बीमा कंपनी की ओर से यह सर्वाधिक राशि का अवार्ड है जिसे यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने स्वीकार किया है।

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