किराये के कमरों में 338 आंगनबाड़ी, महीनों से अटका भुगतान

किराये के कमरों में 338 आंगनबाड़ी, महीनों से अटका भुगतान

Sunil Vandewar | Publish: May, 04 2019 11:38:24 AM (IST) | Updated: May, 04 2019 11:38:26 AM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

भवन मालिक काट रहे चक्कर, सीएम हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायतें

सुनील बंदेवार सिवनी. जिले में ३३८ आंगनबाड़ी किराये के कमरों में चल रही हैं, इनका हर महीने किराया भुगतान नहीं होने से भवन मालिक इस कदर परेशान हैं कि आए दिन परियोजना कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। कहीं-कहीं तो हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि भवन खाली करने का अल्टीमेटम से लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत तक हो रही हैं। हालांकि इन सबके बावजूद परियोजना से लेकर जिला कार्यालय तक अफसर आवंटन प्राप्त होते ही किराया चुकाने की बात कहकर उन्हें टाले जा रहे हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय से जानकारी लेने पर बताया गया कि विभाग के ३३८ भवनों का प्रतिमाह करीब ०२ लाख ८८ हजार ८५० रुपए का किराया भुगतान बनता है। जो कि संचालनालय भोपाल के माध्यम से आवंटन प्राप्त होने पर भवन मालिक के बैंक खाते में किया जाता है। बताया गया कि विगत दिसम्बर महीने से भुगतान में विलंब की स्थिति बनी हुई है। कई बार भवन मालिक जिला कार्यालय, परियोजना कार्यालय तक भुगतान कब तक होगा, इसकी जानकारी लेने पहुंच जाते हैं।
कार्यकर्ता, मकानमालिक होते हैं परेशान -
दिसम्बर महीने से जब भुगतान अपै्रल माह तक नहीं हुआ था, तब आंगनबाड़ी भवनों के मालिक कार्यकर्ताओं से बार-बार किराये को लेकर पूछताछ कर रहे थे, तो वहीं कार्यकर्ता शीघ्र भुगतान कराने कार्यालय में जानकारी लेने अधिकारियों से संपर्क कर रही थीं। जबकि अधिकारी कोई सार्थक जवाब नहीं दे पा रहे थे। अब कुछ भुगतान की राशि का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिससे कार्यकर्ता और भवन मालिकों को राहत मिली है। हालांकि इनका कहना है कि हर माह भुगतान होना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशान न होना पड़े।

कई बार होती है भुगतान में देरी -
घंसौर परियोजना की किराये पर करीब ५६ आंगनबाड़ी चल रही हैं। कुछ महीने का किराया बाकी है। मकान मालिक या कार्यकर्ता के बैंक खाते में किराये का भुगतान करते हैं। हालांकि कई बार भुगतान में देरी होती है। जहां भवन नहीं है या टूटे-क्षतिग्रस्त सरकारी भवन हैं, वहीं किराये पर भवन लिया जाता है।
अजय जैन, परियोजना अधिकारी घंसौर
सीएम हेल्पलाइन तक हुई शिकायतें -
भुगतान में देरी के कारण समस्या तो होती है, मकान मालिक किराये के लिए पूछताछ करते हैं। एक मकानमालिक ने तो सीएम हेल्पलाइन तक भुगतान मेें देरी की शिकायत कर दी थी। अब तो फरवरी तक का भुगतान हो चुका है। जैसे ही अलॉटमेंट आता है, भुगतान कराया जाता है।
सविता नामदेव, परियोजना अधिकारी छपारा

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