बाढ़, अति-वृष्टि से निपटने जिला स्तर पर बनेगा एक्शन प्लान

Sunil Vandewar

Publish: May, 17 2019 11:18:29 AM (IST)

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. बाढ़ एवं अति-वृष्टि की स्थिति से निपटने, बचाव और राहत कार्य के लिए जिला स्तर पर एक्शन प्लान बनाया जाएगा। राज्य शासन ने कलेक्टर को दिए निर्देश में बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला स्तर पर 15 जून या मानसून की वर्षा प्रारंभ होते ही कन्ट्रोल रूम बनाने और आवश्यक होने पर तहसील स्तर पर भी कन्ट्रोल रूम बनाने को कहा गया है। प्रभारी अधिकारी बाढ़ संबंधी जानकारी से राहत आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों को अपडेट रखने, बाढ़ की संभावना होने पर कन्ट्रोल रूम के 24 घंटे कार्य करने और राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम के साथ सेना के सब एरिया कमाण्डर भोपाल को भी तत्काल सूचित करने का निर्देश भी दिया गया है। निर्देश में कहा गया है कि जिले के वर्षा मापक केन्द्र द्वारा दैनिक वर्षा की जानकारी नियमित रूप से भोपाल के मौसम केन्द्र निदेशक को भी भेजी जाए।
निगरानी की होगी विशेष व्यवस्था -
जिन क्षेत्रों में अक्सर बाढ़ आती है, वहां निगरानी के लिए विशेष व्यवस्थाकरने, आवश्यकता पडऩे पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, ठहराने आदि के लिए स्थानों की पहचान के साथ सम्पूर्ण योजना तैयार करने को कहा गया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लोगों को पंचायत, नगरपालिका, स्थानीय स्वयंसेवी संस्था आदि के सहयोग से बचाव की जानकारी का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बाढ़ बचाव उपकरणों को कराएंगे दुरूस्त -
बाढ़ बचाव के उपकरणों, नावों की मरम्मत और उपलब्ध संसाधनों और प्रशिक्षित गोताखोर आदि को सूचीबद्ध करने, आसपास के जिलों में उपलब्ध सामग्री की सूची बनाने और बाढ़ की स्थिति बनने पर अपने जिले के साथ पड़ोसी जिले से बचाव उपकरण और प्रशिक्षित जवानों की टुकड़ी मंगवाकर बचाव और राहत कार्य तुरंत शुरू करने को कहा गया है। साथ ही जिले में उपलब्ध बोट्स और मोटर बोट्स की जानकारी तुरंत राहत आयुक्त कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षित बोट चालक, गोताखोर और प्रशिक्षित जवानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है।
स्थानीय लोगों को किया जाएगा सचेत -
बाढ़ की स्थिति बनने पर जन.संचार माध्यमों से स्थानीय लोगों को सचेत किया जाएगा। जहां बड़ी नदी और नाले बहते हैं, उनके जल.स्तर पर लगातार नजर रखने और उसके खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना पर फौरन राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम के साथ निचले जिलों को लगातार सूचना देने की व्यवस्था करने और अति-वर्षा की स्थिति में जलाशयों के जल-स्तर पर सतत् निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्ण भराव होने पर जलाशयों से नियंत्रित रूप से जल-निकासी और जल भराव वाले क्षेत्रों में अग्रिम सूचना भिजवायी जाएगी।
राज्य.-केन्द्र शासन को भेजेंगे बाढ़ हानि की जानकारी
कलेक्टर से कहा गया है कि बाढ़ से होने वाली हानि की जानकारी नियमित रूप से भारत शासन के गृह मंत्रालय और राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम को टेलीफोन और फैक्स पर भेजें। राज्य स्तरीय कन्ट्रोल रूम में यह जानकारी प्रमुख सचिव राजस्व, अपर सचिव और उप राहत आयुक्तको भेजी जाए।
होगी नदी, नालों, तालाबों की सफाई
निर्देश में कहा गया है कि जिले के नदी, नालों और तालाबों की सफाई करवाकर पानी की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करें। नगरीय क्षेत्रों की निचली बस्तियों को अन्यत्र बसाने की वैकल्पिक व्यवस्था करने, जलमग्न सड़कों और पुलियों पर दुर्घटना रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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