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सिवनी

इंतजाम: बारिश के दिनों में शहरी व ग्रामीण इलाकों में बढ़ता है मच्छरों का प्रकोप

– बारिश की आमद, मलेरिया-डेंगू मारेगा डंक
जून मह
– जून महीने में मिल चुके हैं एक दर्जन मरीज

सिवनीJul 11, 2024 / 06:39 pm

sunil vanderwar

गांव में लार्वा नष्ट करने किया सर्वे।

गांव में लार्वा नष्ट करने किया सर्वे।

सिवनी. वर्षाकाल की शुरुआत के साथ ही जिले में मच्छर डंक मारने लगे हैं। लोग डेंगू-मलेरिया से संक्रमित हो रहे हैं। मुख्यालय समेत जिले में जानलेवा डेंगू बीमारी फैलने की शुरूआत हो गई है। हाल ही में शहर के टैगोर वार्ड में डेंगू का एक मरीज सामने आया है। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के आधा दर्जन मरीज मिल चुके हैं। इस साल मलेरिया बीमारी के भी अब तक दस मरीज मिल चुके हैं। खाली प्लाटों में जमा हो रहे पानी में मच्छर पनपने के कारण डेंगू और मलेरिया बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसके बाद भी मलेरिया विभाग का अमला जरूरी इंतजाम में पीछे है। मच्छर के लार्वा नाशी दवाओं का छिडक़ाव नहीं हो रहा है, न ही फॉगिंग मशीन से कीटनाशी धुआं करने की कार्रवाई की जा रही है। तीन साल पहले मरीजों का आंकड़ा सौ के पार था।

कार्यालय में भी नहीं रहते कर्मी-
मलेरिया विभाग कार्यालय जिला अस्पताल भवन में है। इस कार्यालय में कार्यदिवस पर अधिकांश समय कर्मचारी यहां-वहां टहलते समय गुजारते हैं।


बारिश में बढ़ा बीमारी का खतरा-
नगर पालिका क्षेत्र में खाली पड़े प्लाट लोगों के लिए समस्या बनते जा रहे हैं। शहर के 24 वार्डों में अनेक प्लाट है जिसमें लोगों ने निर्माण नहीं किया है। वर्षा के कारण इन प्लाटों में ना केवल जलभराव हो रहा है। बल्कि जहरीले जीव जंतुओं के होने का खतरा भी बढ़ गया है। आसपास की गंदगी यहां जमा हो रही है। इससे मच्छरों की संख्या बढ़ रही हैं।ऐसे में डेंगू, मलेरिया बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। पिछले साल नगरपालिका ने प्लाट मालिकों को अपने खाली प्लाट में सफाई रखने के निर्देश दिए थे। साथ ही प्लाटों में गंदगी पाए जाने पर प्लाट मालिक के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे। कार्रवाई तो दूर नपा के अमले को यह भी पता नहीं है कि किस वार्ड में कितने और किस व्यक्ति के प्लाट खाली हैं। आदेश देने के बाद नगरपालिका का अमला कार्रवाई करना ही भूल गया है। इसका असर शहर के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। बीते दस साल में वर्ष 2021 में सबसे अधिक डेंगू के मरीज मिले थे। इस साल 116 लोग डेंगू का शिकार हुए थे।

एक्सपर्ट व्यू-
शहरी हो ग्रामीण क्षेत्र हर कहीं डेंगू-मलेरिया के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है। देखने में आ रहा है कि सिर्फ खानापूर्ति के लिए प्रभावित क्षेत्र में दवा छिडक़ाव या फॉगिंग चलाई जा रही है। शहर से लेकर गांव तक जागरुकता की भी कमी है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। दिनेश सनोडिया, पेथालॉजी लैबसिवनी
बीते दस सालों में वर्ष 2021 में सबसे अधिक डेंगू के मरीज मिले थे। इस साल 116 लोग डेंगू फैलाने वाले मच्छर के डंक का शिकार हुए थे। पिछले साल वर्ष 2023 में भी डेंगू के 69 मरीज मिले थे।वहीं इस साल मई माह तक तक डेंगू के मरीज नहीं मिले थे लेकिन जून माह में डेंगू बीमारी के पांच मरीज मिल चुके हैं। – संजय दुबे, सिवनी

जहां भी 8-10 दिनों से पानी भरा हुआ है। वहां मच्छर के की संभावना है। ये ही मच्छर डेंग-ूमलेरिया का संक्रमण का कारण बनते हैं। बाहरी जिलों से आने वाले संक्रमित मरीज भी इसका एक कारण हैं।लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मच्छरदानी का उपयोग करें। – रामजी भलावी, मलेरिया अधिकारी सिवनी

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