तेरह वर्ष की आयु में दीक्षा लेकर निकले थे मोक्ष मार्ग पर

क्रांतिकारी संत तरूण सागर महाराज को दी श्रद्धांजलि

Sunil Vandewar

September, 0412:09 PM

सिवनी. क्रांतिकारी जैन संत तरूण सागर महाराज के गत दिवस समाधिस्थ होने के उपरांत नगर के दिगम्बर जैन धर्मशाला में श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित जनों ने पूर्व में तरूण सागर महाराज के सिवनी आगमन व उनके कड़वे प्रवचन व विभिन्न आयोजनों में दी गई उपस्थिति को अविस्मरणीय बताया। इसके पूर्व विभिन्न धर्मप्रेमियों द्वारा शांति विधान, अभिषेक पूजन सम्पन्न कराया गया।
इस अवसर पर सिवनी में वर्षायोग के लिए विराजमान मुनि अजितसागर महाराज, ऐलक दयासागर महाराज एवं ऐलक विवेकानंदासागर महाराज ने अपने विचार व्यक्त किए। मुनि तरूण सागर के जीवन के अनेक पहलुओं पर उद्बोधन देते हुए मुनि श्री अजितसागर ने कहा कि वर्तमान समय में 80 वर्ष वाला व्यक्ति भी मकान बनाना चाहता है, जबकि मात्र 13 वर्ष की आयु में मुनि तरूण सागर ने घर त्यागकर दीक्षा ले ली थी और मोक्ष मार्ग के लिए निकल पड़े थे। साथ ही भगवान महावीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य अभिनव तरीके से किया। इसके अतिरिक्त आचार्य विद्यासागर की प्रेरणा से अहिंसा रैली का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था।
महाराज ने कहा कि उनका समाधि मरण एक श्रेष्ठ समाधी मरण की श्रेणी में आएगा। अल्प सूचना पर श्री दिगम्बर जैन धर्मशाला के प्रागंण में सकल जैन समाज के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में दिगम्बर जैन समाज, श्वेताम्बर श्रीसंघ, तारण-तरण जैन समाज के सदस्यों ने उपस्थितिी दर्ज की। इस अवसर पर साधु संघ के अतिरिक्त पूर्व विधायक नरेश दिवाकर, धरमचंद भूरा, सनत बाझल, चंद्रशेखर आजाद, नरेन्द्र गोयल ने मुनि तरूण सागर जी महाराज के प्रेरणामयी जीवन पर प्रकाश डालते हुए विनयांजलि प्रस्तुत की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि आचार्य विद्यासागर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त व आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज से दीक्षा प्राप्त तरूण सागर महाराज अपने ऐलक मुनि के रूप में 1985 में सिवनी में चातुर्मास कर चुके हैं। साथ ही २१ मार्च 2010 को नगर प्रवेश हुआ था, ३० को नगर में बच्चों का कार्यक्रम हुआ था, उसमें बच्चों को मार्गदर्शन किया गया था। उनके द्वारा स्थानीय बड़ा मिशन स्कूल के प्रागंण में 7 दिवसीय कड़वे प्रवचन की श्रंखला संपन्न की गई थी। जिसमें जिला ही नहीं प्रदेश के विभिन्न समुदायों ने उनका वंदन किया व कड़वे प्रवचनों को सुनने उपस्थिति दी थी।
वक्ताओं के अतिरिक्त कार्यक्रम में अनिल नायक, सुदर्शन बाझल, दिनेश जैन, सुजीत जैन, प्रकाश नाहटा, प्रकाश मालू, संजय मालू, सुबोध बाझल, नितिन गोयल, आनन्द जैन, प्रभात जैन, सुनील कुमार जैन, अभय जैन व अन्य की उपस्थिति रही।

sunil vanderwar Reporting
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