आयुष विभाग के पास नहीं हैं मरीज, जिला अस्पताल के प्राइम जगह पर बना लिया कार्यालय

सिविल सर्जन के बिगड़े बोल, कलेक्टर के निरीक्षण के बाद भड़के आयुष अधिकारी पर

By: akhilesh thakur

Published: 28 Jan 2021, 11:41 AM IST

सिवनी. आयुष विभाग के पास मरीज नहीं है। जिला अस्पताल परिसर के प्राइम जगह पर इन लोगों ने कार्यालय बना लिया है। उनको दिए गए जगह से अधिक पर कब्जा कर नया कार्यालय बनाया है। यह बात सिविल सर्जन डॉ. विनोद नावकर ने बुधवार को कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग के जिला अस्पताल परिसर स्थित आयुष विभाग के नए कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कही। कलेक्टर के जाने के बाद सिविल सर्जन व जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशवंत माथुर में बहस हुई। सिविल सर्जन पर आरोप है कि उन्होंने होम्योपैथिक व आयुर्वेद पैथी पर सवाल खड़े किए तो डॉ. माथुर ने एलोपैथिक चिकित्साधिकारियों को लेकर कहा कि वे स्वयं हर्बल दवाएं लिखते और उस पर भरोसा करते हैं। ऐसे में सिविल सर्जन को ऐसी बाते नहीं करनी चाहिए।
जिला अस्पताल परिसर में आयुष विभाग का नया कार्यालय बनकर तैयार हो गया है। कार्यालय के पीछे खुली जगह पर बाउंड्री बनाकर कार्यालय को सुरक्षित करने का प्रयास चल रहा है। इसबीच कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. वीके नावकर व जिला आयुष अधिकारी डॉ. यशवंत माथुर से बाउण्ड्री खड़ा करने के संबंध में जगह को लेकर पूछताछ की। इस पर सिविल सर्जन ने आपत्ति शुरू कर दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में उक्त कार्यालय को दी गई जगह को प्राइम बताते हुए कहा कि इनके यहां मरीज नहीं आते हैं। इनके पास कोई काम नहीं है। आरोप है कि उन्होंने अस्पताल परिसर में कार्यालय के पास पूर्व में शासन के निर्देश पर एक छत के नीचे एलोपैथ के साथ संचालित होम्योपैथी ओपीडी को बाहर करने में कड़ी मशक्त करने की भी बात कही। कलेक्टर के निरीक्षण कर वापस जाने के बाद सिविल सर्जन और जिला आयुष अधिकारी में बहस हुई। जिला आयुष अधिकारी डॉ. माथुर ने कहा कि सिविल सर्जन के बोल बिगड़ गए। उनको सभी पैथी का सम्मान करना चाहिए। एलोपैथिक चिकित्सक हर्बल की दवाएं लिखते हैं। उनके स्टॉफ बड़ी संख्या में होम्योपैथी ओपीडी में दवाए लेने आते हैं। कहा कि होम्योपैथी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी भलावी के यहां प्रतिदिन ८० से ९० मरीज आते हैं, जिनमें कई बड़ी बीमारियों के मरीज है। उनको लाभ मिला है। इनमें कई मरीज ऐसे हैं, जो जिला अस्पताल के एलोपैथिक चिकित्सकों से इलाज कराने के बाद जब कोई लाभ नहीं मिला तब आए हैं। मरीजों ने भी यह बात कही है। ऐसे में सिविल सर्जन को आयुष विभाग के पास मरीज नहीं होने सहित अन्य बातों को कहने से पहले पूरी जानकारी रखनी चाहिए।

मैंने आयुष पैथी के बारे में नहीं कहा अपशब्द
मैंने आयुष पैथी के बारे में अपशब्द नहीं कहा हैं। शासन का निर्देश हैै कि अस्पताल परिसर में कोई निर्माण न हो। तत्कालीन कलेक्टर की वजह से आयुष विभाग को जमीन आवंटित हुआ और वहां पर कार्यालय बना। वे आवंटित की गई जमीन से अधिक पर बनाए हैं। मैंने यही बात कही है।
- डॉ. विनोद नावकर, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सिवनी।

akhilesh thakur Bureau Incharge
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