बीईओ सस्पेंड, कमिश्नर ने जारी किया आदेश

बीईओ सस्पेंड, कमिश्नर ने जारी किया आदेश

Sunil Vandewar | Updated: 29 Mar 2018, 03:30:01 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

बार-बार चेतावनी पर भी सुधार न आने पर हुई कार्रवाई

सिवनी. लगातार कार्य में लापरवाही बरतने, कर्मचारियों, शिक्षकों के वेतन भुगतान की कार्रवाई में देरी पर चेतावनी के बाद भी सुधार न आने जैसी कई और खामियों का परिणाम सिवनी बीईओ सीएल कौल को निलंबन के रूप में मिला है। कमिश्नर जबलपुर के द्वारा निलंबन के आदेश से उन्हें अवगत करा दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार सीपी कौल बीईओ द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं जनसुनवाई के प्रकरणों के निराकरण मे रूचि नही ली जाने, कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2016-17 के आयकर विवरणी फार्म 16 कर्मचारियों को समय पर प्रदाय नही किए जाने एवं कर्मचारियों एवं शिक्षकों के वेतन बिलंव से आहरित किए जाने से जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी द्वारा जारी कारण बताओं सूचना पत्रों का समाधानकारक उत्तर नहीं दिए जाने से कमिश्नर जबलपुर संभाग जबलपुर द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। निलंबन अवधि मे मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी नियत किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में १७ जनवरी को डीईओ जीएस बघेल के हस्ताक्षरयुक्त नोटिस बीईओ सीएल कौल को जारी हुआ था। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने की चेतावनी भी दी गई थी।
बीईओ कौल पर आरोप था कि इनके द्वारा न तो विभागीय अधिकारियों के आदेश को ही माना जा रहा है और न ही सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई के प्रकरणों के निराकरण में गंभीर हैं। इनके स्तर पर एल-१ लेवल फॉलोअप पोर्टल में प्रविष्ट न कराए जाने से शिकायत एल-२ लेवल पर प्रदर्शित होती है। इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन भुगतान समय पर नहीं होने, प्राचार्यों से प्राप्त समस्त देयकों का भुगतान समय सीमा में न किए जाकर अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है।
इन बिंदुओं पर मांगा था जवाब -
डीईओ ने बीईओ को नोटिस देकर बिंदुवार जानकारी मांगी थी। इसमें कहा गया था कि पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती जा रही है। सीएम हेल्पलाईन के प्रकरण में, शिक्षकों, कर्मियों के वेतन में प्रतिमाह अनावश्यक विलंब। अध्यापक संवर्ग के अंशदान राशि एवं शासन के अंशदान की राशि का कोषालय से आहरण विलंब से किया जा रहा है एवं चालान जनरेट करने के लिए अपने कार्यालय की जानकारी नहीं देना। आयकर कटौती क्वार्टरली फाइल रिटर्न न कराए जाने से फार्म १६ (टीडीएस) समय पर कर्मचारियों को प्रदान नहीं किया जाना। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अर्जित अवकाश नकदीकरण के देयक में अनावश्यक विलंब किया जाना। बीईओ कार्यालय द्वारा पूर्व में सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई के प्रकरणों में समय अवधि में कार्रवाई नहीं किए जाने से बीईओ को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए जाने के बाद भी वरिष्ठ कार्यालय के आदेश-निर्देशों का समय अवधि में पालन न किया जाना। इसे मप्र सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत होकर कदाचरण माना गया है। इन बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर डीईओ द्वारा कमिश्नर के समक्ष निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी। इस पर कमिश्नर ने निलंबन की मुहर लगा दी है।

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