अब 5वीं, 8वीं में कमजोर बच्चों पर लगेगा ब्रेक

Sunil Vandewar

Publish: Jul, 13 2019 11:51:29 AM (IST)

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. पहली कक्षा से आठवीं तक की आसान पढ़ाई के बीच अब ५वीं, ८वीं में कमजोर बच्चों का वार्षिक परीक्षा के माध्यम से बौद्धिक परीक्षण होगा। जो असफल होंगे, उन्हें एक अवसर देंगे, इसमें भी असफल होने पर उनको पुन: उसी कक्षा में रखा जाएगा, जो सफल होंगे वे अगली कक्षा में जाएंगे। अब तक नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कक्षा १ से ८ के लिए सतत एवं व्यापक मूल्यांकन का प्रावधान है। जारी हुए आदेश को सभी सरकारी व निजी स्कूलों में अमल में लाया जाएगा।
जिला शिक्षा केन्द्र के परियोजना समन्वयक जेके इड़पाचे ने बताया कि अब ५वीं, ८वीं कक्षा में मूल्यांकन के लिए लर्निंग आउटकम को आधार बनाया जा रहा है। इसी क्रम में नि:शुल्क और अनिवार्य बालशिक्षा का अधिकार अधिनियम में भारत सरकार द्वारा किए गए संसोधन के अनुसार राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार कक्षा ५वीं एवं ८वीं की परीक्षा के सम्बंध में संशोधन किए गए हैं।
वर्तमान अकादमिक सत्र से कक्षा ५वीं एवं ८वीं का वार्षिक मूल्यांकन होगा। आरटीई एक्ट संशोधन एवं गजट नोटिफिकेशन के बाद ५वीं एवं ८वीं की परीक्षा वार्षिक परीक्षा के रूप में सम्बोधित की जाएगी। यह परीक्षा फरवरी-मार्च माह में नियमित वार्षिक परीक्षा के रूप में आयोजित की जाएगी। हालांकि इसे बोर्ड परीक्षा नहीं कहा जाएगा। नियमित परीक्षा डीइओ के निर्देशन मं संकुल केनद्र प्रभारियों द्वारा संपादित कराई जाएगी।
पास-फेल का ऐसे होगा निर्धारण -
एपीसी महेश बघेल ने बताया कि परीक्षा में बैठने वाला कोई भी बालक-बालिका परीक्षा में तभी उत्तीर्ण घोषित किया जाएगा, यदि वह सभी विषयों में राज्य शिक्षा केन्द्र निर्धारित किए गए अंक या ग्रेड प्राप्त करता है। जो विद्यार्थी निर्धारित अंक या ग्रेड (सभी विषय में) प्राप्त नहीं कर पाता है, तो उस बालक को विद्यालय द्वारा अतिरिक्त क्लास लेकर परीक्षा परिणाम घोषित होने की तारीख से दो माह की अवधि के भीतर उसे उन विषयों में पुन: परीक्षा का अवसर प्रदान किया जाएगा। पुन: परीक्षा संकुल केन्द्र स्तर पर आयोजित की जाएगी एवं मूल्यांकन ब्लॉक परिवर्तित कर संकुल केन्द्र स्तर पर स्थापित मूल्यांकन केन्द्र पर किया जाएगा। पुन: परीक्षा के मूल्यांकन के बाद भी यदि विद्यार्थी सभी विषयों में अथवा किसी भी विषय में निर्धारित अंक अथवा ग्रेड प्राप्त नहीं कर पाता है तो तो ऐसे विद्यार्थी को उसकी अध्ययनरत कक्षा में ही वापस रोका जाएगा। अनुत्तीर्ण बालक को अगली कक्षा में नहीं लिया जाएगा।
प्राइवेट स्कूलों के लिए निर्देश -
प्राइवेट स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा ५वीं, ८वीं के विद्यार्थियों के लिए भी आरटीई संशोधन अनुसार निर्धारित कार्यवाही लागू होगी। अशासकीय शालाओं में वार्षिक परीक्षा एवं पुन: परीक्षा का आयोजन एवं प्रबंधन प्राइवेट स्कूल की प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा। वार्षिक परीक्षा के बाद रिजल्ट शीट का अनुमोदन संकुल केन्द्र प्राचार्य एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद ही परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। यही व्यवस्था पुन: परीक्षा में भी लागू रहेगी।

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