अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीएसएनएल अधिकारी, कर्मी हड़ताल पर

Santosh Dubey

Updated: 19 Feb 2019, 01:24:52 PM (IST)

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. बीएसएनएल के लगभग एक लाख 75 हजार कर्मचारी अधिकारी लम्बे समय से सरकार की कॉर्पोरेट परस्त और कर्मचारी विरोध, पीएसयू विरोधी और जनविरोधी नीतियों का विरोध करते हुए अपनी जायज मांगों के निराकरण के लिए बीएसएनएल मैनेजमेंट और सरकार के खिलाफ संघर्षरत हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारी, कर्मचारी सोमवार से तीन दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। जिसके चलते कामकाज ठप हो गया है।
हड़ताल में बैठे अधिकारी, कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों के विषय में बताया कि 15 प्रतिशत फिटमेंट के साथ थर्ड पे रिवीजन का निराकरण, बीएसएनएल मैनेजमेंट द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव अनुसार बीएसएनएल को फोरजी स्पेक्ट्रम का आवंटन, संचार राज्य मंत्री द्वारा पेंशन रिवीजन को पे रिवीजन से पृथक करने के आश्वासन का क्रियान्वयन किया जाए। एक जनवरी 17 से बीएसएनएल रिटायरिज का पेंशन रिवीजन किया जाए। गवर्नमेंट के नियमानुसार बीएसएनएल द्वारा पेंशन कॉन्ट्रिब्यूशन का भुगतान किया जाए। सेकेंड पे रिवीजन कमिटी के शेष मुद्दों का निरकारण किया जाए। बीएसएनएल की भूमि प्रबंधन नीति का बगैर देरी किए शीघ्र अनुमोदन किया जाए।
स्थापना के समय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा लिए गए निर्णयनुसार बीएसएनएल की वित्तीय जीवंतता सुनिश्चित किया जाए। बीएसएनएल के बैंक से ऋण लेने के लिए प्रस्ताव के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाए। बीएसएनएल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सभी रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। बीएसएनएल के मोबाइल टॉवर्स का आउटसोर्सिंग के माध्यम से संचालन व रखरखाव का प्रस्ताव रद्द किया जाए सहित अनेक मांगों को लेकर बीएसएनएल अधिकारियों, कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारी संगठन ने बताया कि चुनाव की घोषणा होते ही उनकी मांगें अधर में लटकना तय है। बीएसएनएल इस बार आरपार की लड़ाई के मूड में है।

 

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned