जबलपुर, छिंदवाड़ा से आ रहा है ....

जबलपुर, छिंदवाड़ा से आ रहा है ....

Sunil Vandewar | Publish: Jan, 01 2019 02:01:01 PM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी पहुंचा ६०० मीट्रिक टन यूरिया

सिवनी. कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच के निर्देशन में जिले में यूरिया उर्वरक की आपूर्ति के लिए युद्ध स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। जिले के लिए उर्वरक की आपूर्ति जबलपुर एवं छिंदवाड़ा जिले से की जानी हैं।
जिसमें कुल 600 मेट्रिक टन यूरिया जबलपुर से 30 दिसम्बर को प्राप्त किया जा चुका है तथा 2400 मेट्रिक टन की आपूर्ति छिंदवाड़ा से सोमवार तक की जानी है। जिसके उपरांत जिले से उर्वरक प्राप्त हो जाने पर जिले में पर्याप्त मात्रा में भंडारण हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी अनुविभागीय अधिकारियों के साथ संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समितियों को तत्काल उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह कालाबाजारी, उर्वरक के अवैध परिवहन पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसी तरह कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच द्वारा जिले की धान खरीदी में परिवहन की समस्या के समाधान के लेकर सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आज दिनांक तक जिले में कुल 30143 मेट्रिक टन धान खरीदी गई है। जिसमे से 35 प्रतिशत कुल 10408 मेट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है।
प्रवीण सिंह अढ़ायच द्वारा परिवहन की गति बढ़ाने के लिए सभी खरीदी केंद्रों में वाहनों की संख्या की बढ़ोत्तरी के जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम निर्देश दिए गए है साथ कि सभी अनुविभागीय अधिकारियों को परिवहन एवं भंडारण की सम्पूर्ण निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

पाले से फसलों के बचाव के लिए किसानों को सलाह
संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने किसानों को सलाह दी है कि कुछ क्षेत्रो में तापमान 4 डिग्री से कम रह सकता है। मौसम विभाग द्वारा तापमान तेजी से कम होने की संभावना बताई गई है।
तापमान में होने वाली इस गिरावट का असर फसलो पर पाले के रूप में होने की आशंका रहती है। किसानों को समझाईश दी गई है कि रात्रि में विशेषकर तीसरे और चौथे पहर खेत की मेढ़ों पर कचरा तथा खरपतवार आदि जलाकर धुंआ करें जिससे कि धुंए की परत फसलों के उपर आच्छादित हो जाए।
भारत सरकार के किसान कल्याण मंत्रालय ने सलाह दी है कि ऐसी शुष्क भूमि में पाला पडऩे का जोखिम अधिक होता है अत: फसलों में स्पिं्रकलर के माध्यम से हल्की सिंचाई कृषक करें। थायोयूरिया की 500 ग्राम मात्रा का एक हजार लीटर पानी में घोल बनाकर 15-15 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें यह उपाय पाले के विरूद्ध उपयोगी उपाय है। 8 से 10 किलोग्राम सल्फर डस्ट प्रति एकड़ बुरकाव अथवा वेटेबल या घुलनशील सल्फर 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करना भी पाले के विरूद्ध कारगर उपाय पाया गया है।

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