यहां पुलिस अभिरक्षा में ग्रामीण की मौत, एएसआई सस्पेंड

यहां पुलिस अभिरक्षा में ग्रामीण की मौत, एएसआई सस्पेंड

akhilesh thakur | Publish: Jul, 14 2018 12:16:49 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

पुलिस अफसर बता रहे चौकी के बाहर हुई है ग्रामीण की मौत, कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल लाइन अटैच

सिवनी. धनौरा थाना क्षेत्र के ग्राम चंदेनी ग्राम निवासी संतलाल की सुनवारा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आई मौत की खबर के बाद ग्राम में शुक्रवार को सियापा पसरा रहा। ग्राम में किसी के गले यह बात नहीं उतर रही है कि वह पुलिस चौकी से फरार हुआ और खेत में गिरने से उसकी मौत हो गर्ई। उधर पुलिस का दावा है कि पुलिस चौकी से फरार होने के बाद उसकी मौत हुई है। पुलिस अधीक्षक विवेक राज सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि इस मामले में चौकी प्रभारी एएसआई सुरेश दीक्षित को निलंबित कर दिया है। कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को लाइन अटैच किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सिंह ने बताया कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश जारी हो चुके हैं। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्र्ट जांच टीम को उपलब्ध होगी। मृतक के परिजनों से अभी हमारी मुलाकात नहीं हो पाई है। उन लोगों ने इस मामले में मुझसे कोर्ई शिकायत नहीं किया है।
गौरतलब है कि पुलिस चौकी में हिरासत में लाए गए चंदेनी निवासी संतलाल की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई। पुलिस ने उसको भाई के साथ हुए विवाद में हिरासत में लेकर थाने आई थी। पुलिस का कहना है कि वह लघुशंका जाने की बात कहकर निकला और पास के एक खेत में जाकर गिर गया। उसका पीछे करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची तो वह बेहोश था। पुलिस जब उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्रामीण उसकी मौत पुलिस अभिरक्षा में होने की बात कह रहे हैं।

मानव अधिकार के संज्ञान में आया मामला
मृतक संतलाल के मामले का संज्ञान मानव अधिकार आयोग ने लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता संतोष चौबे की माने तो उसकी मौत पुलिस अभिरक्षा में हुई है। यह मामला पुलिस प्रताडऩा को उजागर कर रहा है। बताया कि मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन को दूरभाष पर पूरी घटना की जानकारी दे दी गई है।

जून में वन चौकी में हुई थी एक ग्रामीण की हत्या
जून माह के पहले सप्ताह में बरघाट थाना क्षेत्र के एक वन चौकी में ग्रामीण की हत्या डिप्टी रेंजर व चौकीदारों ने मिलकर कर दिया था। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसके शव को बालाघाट की सीमा में ले जाकर जला दिया। इस मामले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई कि सुनवारा पुलिस चौकी की घटना ने ए क बार फिर सरकारी महकमे के जिम्मेदारों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि इस मामले में मृतक को न्याय मिलता है या नहीं।

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