डीईओ ने बीईओ को जारी किया नोटिस, ये है वजह

डीईओ ने बीईओ को जारी किया नोटिस, ये है वजह

Sunil Vandewar | Publish: Jan, 19 2018 04:43:02 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

दो दिन में जवाब न दिया तो तय होगा निलंबन का प्रस्ताव

सिवनी. जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सिवनी को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। यह नोटिस १७ जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रभारी अधिकारी जीएस बघेल के हस्ताक्षरयुक्त जारी हुआ है।
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी छोटे प्रसाद कौल के नाम जारी किए गए नोटिस में कहा गया है इनके द्वारा न तो विभागीय अधिकारियों के आदेश को ही माना जा रहा है और न ही सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई के प्रकरणों के निराकरण में गंभीर हैं। इनके स्तर पर एल-१ लेवल फॉलोअप पोर्टल में प्रविष्ट न कराए जाने से शिकायत एल-२ लेवल पर प्रदर्शित होती है। इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों को वेतन भुगतान समय पर नहीं होने, प्राचार्यों से प्राप्त समस्त देयकों का भुगतान समय सीमा में न किए जाकर अनावश्यक विलंब किया जाता है।
डीईओ ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि बीईओ के द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना व कार्य में रूचि नहीं ली जा रही है। उन्होंने ७ बिंदुओं का नोटिस में उल्लेख करते हुए प्रमाण सहित २ दिन में समक्ष में उपस्थित होकर डीईओ कार्यालय को जवाब प्रस्तुत करें। दी गई समय अवधि में जवाब प्राप्त न होने, संतोषजनक न पाए जाने पर बीईओ छोटे प्रसाद कौल के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
इन बिंदुओं पर मांगा जवाब -
डीईओ ने बीईओ से कहा है कि पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती जा रही है। सीएम हेल्पलाईन के प्रकरण में, शिक्षकों, कर्मियों के वेतन में प्रतिमाह अनावश्यक विलंब। अध्यापक संवर्ग के अंशदान राशि एवं शासन के अंशदान की राशि का कोषालय से आहरण विलंब से किया जा रहा है एवं चालान जनरेट करने के लिए अपने कार्यालय की जानकारी नहीं देना। आयकर कटौती क्वार्टरली फाइल रिटर्न न कराए जाने से फार्म १६ (टीडीएस) समय पर कर्मचारियों को प्रदान नहीं किया जाना। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अर्जित अवकाश नकदीकरण के देयक में अनावश्यक विलंब किया जाना। बीईओ कार्यालय द्वारा पूर्व में सीएम हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जनसुनवाई के प्रकरणों में समय अवधि में कार्रवाई नहीं किए जाने से बीईओ को अंतिम चेतावनी पत्र जारी किए जाने के बाद भी वरिष्ठ कार्यालय के आदेश-निर्देशों का समय अवधि में पालन न किया जाना। इसे मप्र सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत होकर कदाचरण माना गया है।

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