डीइओ के तिवारी, ट्राइबल के त्रिपाठी का टल गया तबादला!

डीइओ के तिवारी, ट्राइबल के त्रिपाठी का टल गया तबादला!

Sunil Vandewar | Publish: Mar, 14 2019 11:51:10 AM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

डीईओ, डीपीसी, आदिवासी विकास विभाग में चल रही खबर

सिवनी. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और आदिवासी विकास विभाग में हुए तबादलों की सूची को लेकर खबरों का बाजार गर्म है। जनचर्चा है कि डीइओ ऑफिस से तिवारी का तबादला और आदिवासी विकास विभाग से त्रिपाठी का तबादला आदेश बनने के बाद निरस्त कर दिया गया है। हालांकि इसके पीछे के कारण क्या रहे या कितनी वास्तविकता है, यह ज्ञात नहीं है।
लोकसभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता लागू हो चुकी है। आचरण संहिता लागू होने से चंद घंटे पहले तक सरकारी विभागों से तबादलों, संसोधनों और आदेश के स्थगित होने की खबरें सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि युद्धस्तर पर तबादलों का दौर चला। डीईओ कार्यालय, डीपीसी कार्यालय हो या आदिवासी विकास विभाग सभी जगह से कुछ को यहां से वहां किया भी गया। इसके अलावा जनचर्चा यह भी है कि कुछेक नाम पर आदेश जारी हुए और संसाधन भी किए गए। चर्चा यह भी चल रही है कि कुछ के तबादले किन्हीं कारणों से निरस्त कर दिए गए हैं।
इसलिए उठ रहे सवाल -
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैचमेंट पर करीब १७ कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन उनको मूल पद पर भेजने के बजाए दूसरे कर्मियों का तबादला हो रहा है। जबकि बीते महीने खुद कलेक्टर कह चुके हैं कि अटैचमेंट निरस्त किए जाएंगे। इसके अलावा जिला पंचायत से जारी बीआरसीसी छपारा के आदेश को दो बार फेरबदल हुआ है। जबकि आवेदन भी नहीं बुलाए गए। बरघाट बीआरसीसी को जिला शिक्षा केन्द्र में एपीसी बनाया जाना भी चर्चा में है। आदिवासी विकास विभाग से भी चर्चित चेहरों का तबादला सवाल बना हुआ है, जिसका जवाब लोग अपनी-अपनी तरह से दे रहे हैं।
डीइओ कार्यालय से हुए तबादले -
जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल के हस्ताक्षर से जारी आदेश पत्र में इसी कार्यालय के सतर्कता शाखा प्रभारी सहायक ग्रेड-२ एचएल सनाड्य को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय केवलारी में पदांकित किया गया है। इसी तरह इसी कार्यालय में पदस्थ पीके जैन को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुंगवानी में पदांकित किया गया है। इनके अलावा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धनौरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-२ सुरेश गोल्हानी सुरेश गोल्हानी को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय लखनादौन का आदेश हुआ है। इसी क्रम में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय लखनादौन से सहायक ग्रेड-२ एमएच कुरेशी को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उर्दू सिवनी के लिए आदेशित किया गया है।
सहायक शिक्षकों को भी हुए आदेश -
जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरित स्थानांतरण के आदेश पत्र में वर्तमान में शासकीय माध्यमिक शाला चंदनवाड़ा कला में पदस्थ सहायक शिक्षक भोपालसिंह ठाकुर को शासकीय माध्यमिक शाला सरेखा। शासकीय प्राथमिक शाला डूण्डासिवनी में पदस्थ सहायक शिक्षक कृष्णकुमार ठाकुर को शासकीय माध्यमिक शाला सरेखा। शासकीय माध्यमिक शाला डुंगरिया में पदस्थ सहायक शिक्षक नरेन्द्र मिश्रा को शासकीय माध्यमिक शाला भैरोगंज में एक सप्ताह के अंदर कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है।
दिया इस आदेश का हवाला -
जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल के हस्ताक्षर से ०८ मार्च को जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि मप्र शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक ६-१ /२०१९/ एक-०९ भोपाल दिनांक २२ फरवरी २०१९ के स्थानांतरण नीति वर्ष २०१७-१८ के अनुसार गैर शैक्षणिक अमले के स्थानांतरण नीति के अंतर्गत प्रतिबंध की अवधि के दौरान तहसील स्तर के संवर्गों के कर्मचारियों का तहसील के अंदर तथा जिला स्तर के संवर्गों के लिपिकीय कर्मचारियों का जिले के अंदर प्रशासकीय दृष्टि से स्थानांतरण आदेश कलेक्टर, प्रभारी मंत्री के अनुमोदन उपरांत कर्मचारियों के स्थानांतरण समान पद, सामथ्र्य वेतनमान में तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया गया है।
तत्काल ग्रहण किया कार्यभार -
जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त पत्र में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। स्थानांतरित कर्मचारियों को आदेश जारी दिनांक से तत्काल पदांकित शाला में अपना कार्यभार अनिवार्यत: ग्रहण करने को कहा गया है। स्थानांतरित कर्मचारियों को पूर्व पदस्थ संस्था/ कार्यालय में किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत मान्य नहीं किया गया है। कार्यमुक्त होने के पश्चात एवं नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के मध्य की अवधि के किसी भी प्रकार के अवकाश प्रशासनिक विभाग के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति स्वीकृत के अवकाश पर प्रस्थान करने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध पृथक से अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बताया जा रहा है कि आदेश के बाद उक्त कर्मियों ने नवीन संस्था में कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
मानी जाएगी वित्तीय अनियमितता -
स्थानांतरित किए गए शासकीय सेवक का अवकाश नवीन पदस्थापना वाले कार्यालय में उपस्थित होने के पश्चात स्वीकृत किया जाएगा। स्थानांतरित आदेश अनुसार कर्मचारी की वेतन आहरण पूर्व पदस्थापना से बंद हो जाएगी। यदि आहरण संवितरण अधिकारी स्थानांतरित कर्मचारी का वेतन आहरित करता है तो यह वित्तीय अनियमितता मानी जाएगी।

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