गर्मी में इस तरह करें खेती तो होगा फायदा, मौसम आधारित कृषि सलाह दे रहे वैज्ञानिक

सब्जी, खड़ी फसल के लिए बताए ये उपाय

By: sunil vanderwar

Published: 11 May 2019, 11:24 AM IST

सिवनी. तापमान को ध्यान में रखते हुए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को आवश्यक सलाह दी जा रही है। कहा कि सभी सब्जियों तथा खड़ी फसलों में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई सुबह या शाम के समय ही करें। कहा कि तापमान अधिक रहने की संभावना को देखते हुए किसान तैयार सब्जियों की तुड़ाई सुबह या शाम को करें तथा इसके बाद इसे छायादार स्थान में रखें। इस मौसम में बेलवाली फसलों में न्युनतम नमी बनाएं रखें अन्यथा मृदा में कम नमी होने से परागण पर असर हो सकता है जिससे फसल उत्पादन में कमी आ सकती है।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक निखिल सिंह द्वारा किसानों को सलाह देते बताया गया कि ग्रीष्मकाल में हरी खाद के लिए सनई, ढैंचा आदि की बुवाई कर सकते हैं। सनई की बीज दर 60-70 और ढैंचा की 50-60 किलोग्राम प्रति हैक्टर है। अच्छे अंकुरण के लिए खेत में पर्याप्त नमी होनी आवश्यक है।
भिंडी की फसल में तुड़ाई के बाद युरिया/ 5.10 किग्रा प्रति एकड़ की दर से डालें तथा माईट कीट की निरंतर निगरानी करते रहें। अधिक कीट पाये जाने पर ईथियान/ निर्धारित पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। इस मौसम में भिंडी की फसल में हल्की सिंचाई कम अंतराल पर करें। बैंगन तथा टमाटर की फसल को प्ररोह एवं फल छेदक कीट से बचाव के लिए ग्रसित फलों तथा प्रोरहों को इकट्ठा कर नष्ट कर दें। यदि कीट की संख्या अधिक हो तो स्पिनोसेड़ कीटनाशी 48 ईसी / 1 मिली में 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव आसमान साफ होने पर कर सकते हैं।
बताया कि अनाज को भंडारण में रखने से पहले भंडार घर की अच्छी तरह सफाई करें तथा अनाज को अच्छी तरह से सुखा लें एवं कूड़े-कचरे को नष्ट कर दें। भंडारघर की छत, दीवारों और फर्श पर एक भाग मेलाथियान 50 ईसी को 100 भाग पानी में मिला कर छिड़काव करें। यदि पुरानी बोरियां प्रयोग करनी पड़े तो उन्हें एक भाग मेलाथियान व 100 भाग पानी के घोल में 10 मिनट तक भिगो कर छाया में सुखा लें।
रबी फसल की कटाई के बाद खाली खेतों की गहरी जुताई कर जमीन को खुला छोड़ दें ताकि सूर्य की तेज धूप से गर्म होने के कारण इसमें छिपे कीड़ो के अण्ड़े तथा घास के बीज नष्ट हो जाएंगे। इस मौसम में किसान अपनी मिट्टी की जांच किसी प्रमाणित स्रोत से करवाएं और जहां संभव हो, ऊँचे नीचे खेतो का समतलनीकरण लेजऱ लैंड लेवलर से करवाएं। बताया कि अमरूद के पुराने बगीचों में इस माह में पुरानी और रोगग्रस्त शाखाओं की कटाई-छटाई करने से ठण्ड के मौसम में अमरूद की अच्छी फसल प्राप्त होती है।

sunil vanderwar Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned