उत्पाद मचाने वाली हाथियां, पर्यटकों को कराएंगी सफारी

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायू परिवर्तन मंत्रालय नईदिल्ली ने दी अनुमति

सिवनी. मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर व छिंदवाड़ा के किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाने वाली छत्तीसगढ़ की जंगली हाथियां अब जल्द ही पर्यटकों को सफारी कराएंगी। यह हाथियां छत्तीसगढ़ से मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर में भारी उत्पात मचाने के बाद छिंदवाड़ा के हर्रई में कहर बरपा चुकी है। यह अब फिर से जिले की सीमा में प्रवेश की है। इन हाथियों को पालतू बनाने की तैयारी चल रही है। इसकी अनुमति मिल चुकी है।
छत्तीसगढ़ के जंगल से पहले ये हाथियां डिंडोरी से मंडला जिले के नैनपुर क्षेत्र में पहुंचाी। इसके बाद लगभग दो माह तक जिले के कान्हीवाड़ा, केवलारी और लखनादौन क्षेत्र के मक्का और धान की फसलों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद नरसिंहपुर की ओर निकल गई। नरसिंहपुर में हाथियों ने रौद्र रूप दिखाया। नरसिंहपुर के बचई, मुंगवानी क्षेत्र में लंबे समय तक रही। इस क्षेत्र में काफी जंगल हैं। इन जंगलों में हाथियां दिन में छिप जाती थी और रात्रि में आसपास के गांवों की ओर निकलकर गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाती थी। हाथियों ने यहां पर कुछ ग्रामीणों को घायल भी किया था। लगभग डेढ़ माह से अधिक समय तक नरसिंहपुर में उत्पात मचाने के बाद हाथियां एक बार फिर सिवनी की सीमा में प्रवेश कर चुकी हैं। फिलहाल इनका ठिकाना लखनादौन क्षेत्र के जोबा में बताया जा रहा है। हाथियों के जिले में प्रवेश करने के बाद किसानों की नींद उड़ गई है।
वन विभाग ने इन हाथियों को रोकने के लिए पकडऩे की रणनीति बनाई है। हाथियों को पकड़ा जाएगा और फिर इन्हें प्रशिक्षण देकर सफारी में प्रयोग किया जाएगा। किसानों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने पकडऩे के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायू परिवर्तन मंत्रालय नईदिल्ली से अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद अब इनको पकडऩे की तैयारी शुरू कर दी गई हैं। हाथियों को पकडऩे के लिए विभाग रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगा। इस दौरान हाथियों को सुरक्षित पकड़ा जाएगा। फिर उन्हें बांधवगढ़ नेशनल पार्क में रखकर टाइगर सफारी में पर्यटकों को घुमाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। करीब छह माह में पर्यटकों को घुमाने के लिए हाथियां तैयार हो जाएंगी। इसके बाद उन्हें सफारी में लगाया जाएगा। प्रदेश के टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 22 हाथियों की कमी है। उत्पाद मचा रही हाथियों की संख्या दो बताई जा रही है।

19 को बैठक के बाद शुरू होगा रेस्क्यू
हाथियों को पकडऩे के लिए अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिल चुकी है। भोपाल से एक कमेटी बनाई गई है। १९ को सिवनी में कान्हा, पेंच व सीधी के पशु चिकित्साधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों की बैठक होनी है। इसके बाद रेस्क्यू शुरू होगा।
- आरएस कोरी, सीसीएफ सिवनी

mantosh singh Editorial Incharge
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