प्रदर्शनी में मारा छापा, 10 बच्चे कर रहे थे ये काम, मामला दर्ज

प्रदर्शनी में मारा छापा, 10 बच्चे कर रहे थे ये काम, मामला दर्ज

Sunil Vandewar | Publish: May, 29 2019 11:33:16 AM (IST) | Updated: May, 29 2019 11:35:03 AM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

कलेक्टर ने बनाई टीम, जिले में की जा रही छापामारी

सिवनी. शहर के बीच बड़े मिशन स्कूल मैदान पर प्रशासन व पुलिस की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया, तो १० बच्चे दुकानों में बालश्रम करते हुए पाए। मौके पर टीम ने प्रदर्शनी के सम्बंधित व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई तय करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। वहीं बच्चों से काम न कराने के हिदायत दी गई है। कई अन्य जगह भी टीम ने छापामार कार्रवाई कर रही है।
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी अभिजीत पचौरी ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने प्रमुख सचिव मप्र शासन, महिला एवं बाल विकास विकास भोपाल के निर्देश पर सिवनी जिले जिले में बाल श्रम, भिक्षावृत्ति एवं पन्नी बीनने जैसा काम करने से बच्चों को रोकने के लिए एक बैठक ली गई थी। इसमें श्रम विभाग, स्पेशल जुवनाइल पुलिस यूनिट, बाल संरक्षण यूनिट सहित अन्य को कलेक्टर द्वारा जिम्मेदारी दी गई। कलेक्टर द्वारा कहा गया है श्रम निरीक्षक, बाल श्रम करा रहे संस्थानों पर बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के साथ छापा (रेड) की कार्यवाही करेंगे।
बैठक के बाद सोमवार को रात 08 बजे स्थानीय प्रदर्शनी मिशन स्कूल परिसर सिवनी में महिला बाल विकास विभाग, श्रम विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जिसमें 05 नियोजकों के संस्थानों में कुल 10 बच्चे निरीक्षण के समय कार्य करते हुए पाए गए। इस सम्बंध में प्राथमिक प्रकरण दर्ज कर लिए गए हंै।
निरीक्षण, कार्रवाई के लिए बनी कमेटी -
कलेक्टर सिंह ने जिले के प्रत्येक बाल विकास परियोजना अंतर्गत सम्बंधित तहसीलदार की अध्यक्षता में कोर ग्रुप (दल) गठित कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। दल में अध्यक्ष तहसीलदार, सदस्य सचिव बाल विकास परियोजना अधिकारी, सदस्यों में प्रत्येक थाने में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, सम्बंधित बीआरसी, बीइओ, सम्बंधित क्षेत्र की पर्यवेक्षक एवं श्रम निरीक्षण को शामिल किया गया है।
जिले में होगा ऐसे बच्चों का चिन्हांकन-
महिला एवं बाल विकास की सभी ११ परियोजना में यह दल अपने अधीनस्थ अमले के माध्यम से बस स्टैण्ड, मंदिर बाजार, विवाह स्थल, रेलवे स्टेशन एवं अन्य स्थलों पर जाकर चिन्हांकन करेंगे। कि ऐसे कितने बच्चे हैं, जो भिक्षावृत्ति, बाल श्रम या पन्नी-कबाड़ बीनने का कार्य कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट ब्लॉक स्तरीय दल के अध्यक्ष सम्बंधित तहसीलदार को सौंपेंगे।
बाल गृह जैसी सुविधा -
मिलने वाली रिपोर्ट पर तहसीलदार द्वारा बच्चों के हितार्थ काम कर रहे एनजीओ के माध्यम से काउंसलिंग करेंगे। जरूरत पडऩे पर परियोजना अधिकारी इन बच्चों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के माध्यम से जिला स्तरीय बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत करेंगे। यह समिति किशोर न्याय अधिनियम के तहत इन बच्चों को आरएसटी, बाल गृह या फास्टर केयर जैसी सुविधा, योजना का लाभ दिलाएंगे।
निरीक्षण में ये रहे शामिल -
निरीक्षण के समय कोतवाली टीआई अरिवंद जैन, सहायक श्रम अधिकारी पीएल पिथोड़े, बाल संरक्षण अधिकारी विकास दुबे, परियोजना अधिकारी मेहरीन मरावी, बाल प्रकोष्ठ प्रभारी, श्रम निरीक्षक एसके सोनकर, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी अमित धकेता, परामर्शदाता सुनील साहू, सुपरवाइजर व अन्य शामिल रहे।
नियोजक पर मामला दर्ज -
प्रदर्शनी में जो बालश्रम होता पाया गया है, उस प्रकरण में नियोजक पर मामला दर्ज हुआ है। उनको प्रथम पक्षकार मानकर नोटिस दिया जाएगा। स्पष्टीकरण लेंगे उसके बाद जो संभावित कार्रवाई संभावित होगी की जाएगी। अन्य जगह भी छापामारी की जा रही है।

पीएल पिथोरे, जिला श्रम अधिकारी

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