होली में अन्नदाताओं की फसलों को न करें नष्ट

आर्थिक क्षति उठाते हैं किसान

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Published: 12 Mar 2017, 04:26 PM IST

सिवनी. कृषक समाज एवं जनकल्याण समिति के अध्यक्ष एवं उपभोक्ता फोरम अभा उपभोक्ता कां. कृषक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पूनाराम कुल्हाड़े पूनम ने होली पर्व शांति एवं सद्भाव पूर्वक मनाने की मांग के साथ ही लोगों से यह भी मांग  की है कि वे किसानों के खेतों में लगी चना, गेहूं फसल को न उखाड़े।
किसान बड़ी ही मेहनत से फसल का उत्पादन करता है। इसमें काफी लागत भी लगती है। खेतों में किसान की फसल उसका धन है। फसल के बेचने से किसान का परिवार पलता है। किसानों का खेतों में लगा चना गेहूं की फसलों को होली के पहले होला खाने के उद्देश्य से बड़ी मात्रा में फसलें उखाड़ी जाती हैं। इससे गलत संदेश जाता है और किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। वहीं उपद्रवियों द्वारा इस तरह के कृत्य करने से कई किसान फसल पूरी तरह से पकने से पहले ही फसल काट लेते हैं और सस्ते दामों पर व्यापारियों को आनाज बेचने मजबूर होते हैं। इससे भी किसानों का खासा नुकसान होता है। वहीं उन्होंने आगे कहा कि अन्नदाता बहुत दिलदार होता है खेतों में लगी फसल प्रेम पूर्वक मांगे जाने पर वह सहर्ष दे देता है।

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