scriptपैदल गश्त शुरु, हाथी और ड्रोन से भी होगी निगरानी | Patrika News
सिवनी

पैदल गश्त शुरु, हाथी और ड्रोन से भी होगी निगरानी

– पेंच की सुरक्षा में लगाए गए 600 सुरक्षा कर्मी
– कोर एरिया के गेट बंद होने पर बढ़ाई गई गश्त

सिवनीJul 03, 2024 / 05:47 pm

sunil vanderwar

पेंच पार्क क्षेत्र में पैदल गश्ती पर कर्मचारी।

पेंच पार्क क्षेत्र में पैदल गश्ती पर कर्मचारी।

सिवनी. वन संपदा और वन्यप्राणियों से भरे पेंच टाइगर रिजर्व की सुरक्षा वर्षाकाल में बढ़ा दी गई है, क्योंकि इस समय में शिकारियों और वन माफिया के सक्रिय होने की संभावना अधिक होती है। वर्षाकाल में जब कोर एरिया के गेट एक जुलाई से तीन महीने के लिए बंद हो गए हैं। तब इंतजामों को और भी तगड़ा करते हुए 600 सुरक्षाकर्मी पेंच में प्रवेश के लिए बनाए गए हर एक बेरियर और घुसपैठ की संभावित जगहों पर निगरानी में लगा दिए गए हैं। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में वनकर्मी पैदल गश्ती कर रहे हैं। जल्द ही पेंच के दुर्गम व घने वन क्षेत्र में हाथी पर सवार होकर और ड्रोन के सहारे निगरानी शुरु की जाएगी।
तालाब की मेढ़ पर खड़े गश्ती दल दूर तक रख रहे नजर।
तालाब की मेढ़ पर खड़े गश्ती दल दूर तक रख रहे नजर।

पेंच के कोर एरिया में पर्यटकों को ले जाने वाले जिप्सी वाहनों के पहिए थम गए हैं। इनके स्थान पर पेंच समेत अन्य टाइगर रिजर्व के अमले ने पैदल गश्त शुरू कर दी है। मानसून के दौरान वन्यप्राणियों के शिकार की संभावनाएं ज्यादा होने को ध्यान में रखते हुए पार्क प्रबंधन ने गश्ती बढ़ा दी है। पेंच टाइगर रिजर्व में मौजूद बाघ, काला तेंदुआ समेत अन्य वन्यप्राणियों और वन क्षेत्र की सुरक्षा में 600 अधिकारी-कर्मचारी तीन माह तक हर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। इसके लिए इस बार भी हाथियों और ड्रोन, दूरबीन का उपयोग किया जाएगा।

मानसून के दौरान लगातार टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की हर बीट में गश्ती जारी रहेगी। दिन में पैदल व हाथी से गश्ती की जाएगी। इसके अलावा रात में भी अमला नजर रखेगा। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी पर नजर रखी जाएगी। टाइगर रिजर्व के चप्पे-चप्पे में नजर रखने के लिए अमले को जिम्मेदारियां दे दी गई है। बीते सालों में पेंच टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान शिकार के मामले सामने नहीं आए हैं, फिर भी पार्क प्रबंधन ने मानसून के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
टाइगर रिजर्व में पैदल गश्त के साथ स्थाई कैंप, बैरियर और वन चौकियों पर भी तैनात अमले को सतर्क रहने कहा गया है। मानसून के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर हर छोटे-बड़े कर्मचारी पैदल गश्त में शामिल रहेंगे। इसके अलावा टाइगर रिजर्व के आसपास स्थित गांवों के लोगों की भी सूचना तंत्र की तरह मदद ली जाएगी। ताकि वन और वन्यप्राणियों की सुरक्षा में कोई चूक न रह जाए।
टागर रिजर्व के कोर क्षेत्र में तीन माह तक पर्यटन बंद रहने पर पर्यटक बफर क्षेत्र में सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। यहां बाघ के अलावा बाघिन शावकों के साथ नजर आ रही है। वहीं तेंदुआ भी दिखाई दे रहा है। इसी कारण पेंच टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ रही है। बफर क्षेत्र में सुबह के साथ पर्यटक नाइट सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे।

इनका कहना है –
पेंच टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में एक जुलाई से तीन माह तक के लिए पर्यटन बंद हो गया है। अब यहां गश्त शुरू कर दी गई है। 600 अधिकारी-कर्मचारी वन और वन्यप्राणियों की सुरक्षा पर नजर रखने तैनात हैं। फिलहाल पैदल गश्त की जा रही है। जल्द ही हाथियों की मदद भी ला जाएगी। जरूरत के मुताबिक ड्रोन का भी उपयोग किया जएगा।
रजनीश सिंह डिप्टी डायरेक्टर, पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी

Hindi News/ Seoni / पैदल गश्त शुरु, हाथी और ड्रोन से भी होगी निगरानी

ट्रेंडिंग वीडियो