उदया तिथि और भद्रा के साथ शुरु होगा गणेश उत्सव

उदया तिथि और भद्रा के साथ शुरु होगा गणेश उत्सव

Sunil Vandewar | Publish: Sep, 09 2018 11:46:11 AM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

13 सितम्बर को विराजित होंगे प्रथम पूज्य गणपति

सिवनी. देश-प्रदेश में सुख शांति की कामना के साथ इस बार 13 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन हर घर में प्रथम पूज्य गणेश भगवान को विशेष पूजा अर्चना के साथ विराजमान कराया जाएगा।
ग्यारह दिवसीय यह महोत्सव 23 सितंबर को संपन्न होगा, तब तक प्रथमपूज्य गणेश को रोजाना श्रद्धालु विशेष पूजा अर्चन के साथ ही लड्डुओं का भोग लगाएंगे। कटंगी रोड स्थित माता महाकाली मंदिर के पुजारी आचार्य दिलीप कुमार शुक्ला के अनुसार 13 सितंबर को 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी का आरंभ होगा। उदयातिथि एवं भद्रा के कारण गौधुली बेला से यह त्योहार रात 11:27 बजे तक रहेगा। गणेश चतुर्थी का व्रत सूर्योदय से संध्या पूजा तक व पूरे ग्यारह दिन भी श्रद्धालु रखेंगे।
आचार्य शुक्ला ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल चतुर्थी को हिंदुओं का प्रमुख त्योहार गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। गणेश पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी दिन समस्त विघ्न बाधाओं को दूर करने वाले भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र श्रीगणेश का जन्म हुआ था। ऐसेे में भगवान गणेश के जन्मदिन को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए शहर में तैयारियां शुरू हो गई हैं।
आचार्य शुक्ला ने बताया कि 12 सितंबर को महिलाओं द्वारा हरितालिका तीज व्रत रखा जाएगा। 13 सितंबर को सुबह 6 से शाम 5:34 बजे तक भद्रा नक्षत्र रहेगा। वहीं भद्रा रहित पूजा का शुभ समय शाम 5:35 से रात 9 बजे तक रहेगा। रात 9:30 से 11:27 बजे तक स्थिर लगन रहेगा। 13 सितंबर को जहां गणेश चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। वहीं 14 को ऋषि पंचमी, 15 को मोरछठ, 16 को संतान सप्तमी, 17 को राधाष्टमी, 20 को पदमा डोल ग्यारस, 22 प्रदोष व्रत व 23 सितंबर को आनंद चतुर्थदशी के साथ गणेशोत्सव का समापन होगा।
सुन्दरकांड पाठ समापन, हवन और भंडारे का आयोजन
विकासखंड छपारा की ग्राम पंचायत चमारीखुर्द के ग्राम चमारीकला स्थित राधाकृष्ण मंदिर परिसर में विगत दिवस सावन महीने से चल रहे सुन्दर कांड का समापन हुआ। समापन दिवस पर दिन में सुन्दरकांड के अंतिम पाठ का वाचन स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा किया गया। सुन्दरकांड के बाद हवन में ग्राम के सभी लोगों की सहभागिता रही। राधा माधव संकीर्तन मंडल के सदस्यों द्वारा कार्यक्रम को लेकर विशेष तैयारियां की गई थी।
समिति द्वारा हवन, आरती के बाद कन्या भोज का आयोजन किया गया। उसके बाद ग्राम के सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। विगत माह से चल रहे सुन्दर कांड में सहयोगी रहे सभी ग्रामवासी हवन में सम्मिलित हुए। समापन दिवस संगीतमय भजनों का गायन-वादन क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा किया गया।

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