हर्षोल्लास-धूमधाम से मनाई गई दीपावली

शहर से गांव तक रही दिवाली की जगमग, वाट्सएप पर पर्सनल और ग्रुप में जमकर चला बधाई, शुभकामनाओं का दौर

सिवनी. मौसम के गड़बड़ मिजाज बारिश के बीच जिले भर में प्रकाश पर्व दीपावली रविवार को धूमधाम से मनाया गया। शहर व गांव दीपों की रोशन से सज गए थे। घर-घर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा अर्चना की गई। लक्ष्मी पूजन के बाद आतिशबाजी और खुशियां मनाई गई। पटाखों की गडगड़ाहट, आसमान छूते राकेट, फुलझडिय़ों की जगमगाहट देर रात तक देखने को मिली।
दीपोत्सव पर घर-घर बिजली के बल्बों की झालर, फूलों व आम की पत्तियों की लडिय़ां तथा प्लास्टिक के आकर्षक फूलों से सजे रहे। घर, दुकान व होटल, निजी कार्यालयों, लॉज पेट्रोलपम्प आदि प्रतिष्ठानों में इलेक्ट्रानिक लाइट की रंगबिरंगी झालरें, घूमते हुए बल्ब से निकलती रंगबिरंगी लाइट से शहर सजा था। घर में जहां धन की देवी लक्ष्मीजी की पूजा की गई वहीं व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठानों में लक्ष्मीजी की विधि-विधान से पूजा पाठ की। आतिशबाजी के साथ ही मिठाई, ड्राय फूट आदि गिफ्ट लेकर एक दूसरे घर जाकर दीपावली की शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरू हुआ। वहीं वाट्सएप पर लोगों ने एक दूसरों को दीपावली पर्व की बधाई दिए। शहर समेत जिले भर के ग्राम क्षेत्रों में लक्ष्मीजी की पूजा कर ग्रामीणों में जमकर आतिशबाजी की।
पटाखा दुकान परिसर में हुए कीचड़ से हुई परेशानी
रविवार को सुबह से ही बारिश का मौसम बना था। इसके बावजूद भी दीपावली मनाने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया। हालांकि शाम सात बजे के बाद रिमझिम बारिश शुरू हुई। वहीं मठ मंदिर प्रांगण में लगी पटाखा दुकानों से पटाखा खरीदारी करने पहुंचे लोगों को बारिश से मैदान की काली मिट्टी के कारण फिसलने जैसी स्थिति निर्मित होने नागरिकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं कुछ नागरिकों ने बताया कि चिकनी मिट्टी की चपेट में आने से कई लोग फिसल कर मैदान में गिर पड़े।
हालांकि पटाखों की दुकानों में पटाखा खरीदने वालों की जमकर भीड़ रही। शाम के समय दोपहिया वाहनों का रेलमपेल देखने को मिला। कच्चे मार्गों पर बाइकों की अच्छी खासी भीड़ लगी रही। हालांकि बारिश के चलते पटाखा की बिक्री कम हुई थी। पटाखा व्यापारियों ने धंधा कम होने की बात कही।
सुबह महंगे शाम को सस्ते में बिके फूल
दीपावली में घरों, दुकानों, वाहनों आदि की साज-सज्जा के साथ लक्ष्मी पूजन में लगने वाले फूलों की बिक्री में भी बारिश का असर देखने को मिला। सुबह गेंदे के फूल 100 रुपए किलो बिके तो वहीं बिगड़े मौसम के मिजाज और बारिश शुरू होने के साथ ही फूल की कीमतों में तेजी से गिरावट हुई। शाम को फूल 40 और 30 रुपए प्रतिकिलो बिके। कूछ फूल विक्रेताओं ने बताया कि महंगे में फूल खरीदे थे लेकिन पिछले दो दिनों से बारिश के चलते फूलों को सुरक्षित रखने में भी परेशानी हो रही है वहीं दीपावली के दिन बारिश से फूल सस्ते में बेचना पड़ा। जिससे काफी नुकसान भी हुआ है।
वहीं शहर के बुधवारी बाजार में सुबह से लेकर रात 10 बजे तक ग्रामीणों व शहरवासियों की चहल-पहल रही। इलेक्ट्रानिक दुकान, फोटो फ्रेमिंग की दुकान, मिठाई की दुकानों में जमकर ग्राहकी बनी रही।
भाईदूज आज
दीपावली पर्व के दूसरे दिन जहां ग्रामीणों व शहरवासियो ने गोवर्धन, अन्नकूट की पूजा घर में व मंदिरों में की वहीं मंगलवार को भाईदूज पर्व मनाने की तैयारी में नागरिक व ग्रामीणजन जुट गए। सनातनधर्मी भ्रात द्वितीया को भाईदूज कहते हैं, यह पर्व कार्तिक शुक्ल द्वितीय को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाईयों की पूजा करती हैं। घर में चौक बनाकर गोबर से उस पर ईंट रखकर मूसल से उसे तोड़ती हैं। बहनें दूज पूजा की सुपारी रख अपने भाई को प्रसन्नता से तिलक कर लंबी आयु की कामना करती हैं। भाई प्रसन्न होकर उसकी रक्षा का वचन देता है।
पं. राघवेन्द्र शास्त्री ने बताया कि इस दिन यमुना अपने भाई यम से मिलने के लिए गई थी। यमराज ने बहन पर प्रसन्न होकर यह वर दिया था कि जो व्यक्ति इस दिन यमुना में स्नान करेगा, वह यमलोक नहीं जाएगा। इस दिन मथुरा में विश्राम घाट पर सन्ना करने का बड़ा महत्व है।
बसों में रही भीड़
दीपवली त्योहार के चलते शनिवार, रविवार को प्रायवेट व सरकारी बस स्टैण्ड में यात्रियों की खासी भीड़ बनी रही। अपने-अपने घरों को जाने के लिए लोग बसों में सीट नहीं मिलने पर भी खड़े-खड़े ही यात्रा कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुआ। इसी प्रकार टैक्सियों में भी यात्रियों की काफी भीड़ रही।
मोबाइल में चली बधाईयां
इंटरनेट, सोशल मीडिया वाट्सएप में लोगों ने जमकर एक दूसरे को बधाई, शुभकामनाओं के संदेश दिए। स्टीकर में बने आकर्षक दीपक, लक्ष्मीजी आदि के चित्र शेयर किए। सोशल मीडिया पर दिवाली मनाने और लक्ष्मी पूजन को लेकर कई संदेश प्रसारित हुए। इसका बहुत सकारात्मक असर हुआ है। इस बार लोगों ने ज्योति पर्व को लेकर खूब तैयारी कर रखी थी। दिवाली के दिन कई यजमानों ने लक्ष्मी पूजन के लिए संपर्क किया, लेकिन एक पंडित शुभ मुहूर्त में कई स्थानों पर पूजा नहीं करा सकता है, इसलिए कई लोगों ने लक्ष्मी पूजन की सही विधि जानी। आचार्य एसके पांडे ने बताया कि नगरों में पंडितों की सं या बहुत कम है, इसलिए इंटरनेट के माध्यम से भी बड़ी सं या में लोगों ने दीपोत्सव और लक्ष्मी पूजन के विधि.विधान को सीखा है।
चीनी दीये भी खूब बिके
चीनी दीये देखने में आकर्षक होते हैं, इसलिए वे लोगों ने खूब खरीदे। एक व्यापारी ने बताया कि पिछली साल की तुलना में इस बार चीनी दीये अधिक बिके हैं। पिछली बार देशी दीये को लेकर अधिक जागरूकता थीए लोगों देशी मिट्टी के दीये खूब खरीदे थे, लेकिन इस बार अपेक्षा के अनुरूप देशी दीये कम बिके।प्रदूषण को कम करने के लिए पटाखे फ ोडऩे को लेकर खूब जागरूकता फैलाई गई थी, लेकिन लोगों से इसे दरकिनार करते हुए पटाखे फोडे और आतिशबाजी की।

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santosh dubey Reporting
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