लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित, निचले इलाकों में भरा पानी, उमस बढ़ी

सब्जी व आम के फसल को हो रहा नुकसान, गेहूं उपार्जन केन्द्रों की बिगड़ी व्यवस्था

By: akhilesh thakur

Published: 20 May 2021, 10:43 AM IST

सिवनी. बीते करीब पखवाड़ेभर से समुद्री तूफान ताउते का असर जिले के हर हिस्से में दिखाई दे रहा है। बारिश का दौर मंगलवार की देर रात और बुधवार को पूरे दिन जारी रहा। बीते मंगलवार को सुबह से आसमान पर बादल उमड़-घुमड़ कर रहे थे। देर शाम से शुरू हुई बारिश रात तक जारी रही। बुधवार की सुबह मौसम खुला, लेकिन दोपहर बाद फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर से लगे लूघरवाड़ा सहित कुछ स्थानों पर चंद समय चना व मटर के आकर के ओले भी गिरे।
जिले में तेज बारिश व तूफान से ग्राम नंदौरा, बम्हनी, बटवानी आदि स्थानों पर बिजली के खंभे और पेड़ के गिरने की जानकारी मिली है। लगातार बारिश से गेहूं उपार्जन केन्द्र की व्यवस्था लडख़ड़ा गई है। केन्द्रों पर सबसे अधिक समस्या बंडोल, मुंगवानी, भोमा, कान्हीवाड़ा, पलारी, छुई, केवलारी, छपारा, लखनादौन, बरघाट, कुरई आदि में रही। ग्राम आदेगांव, लखनादौन, छपारा, धनौरा, बरघाट, कुरई, केवलारी आदि स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। तेज बारिश से छोटी नालियां व बड़े नाले उफान पर आ गए। सड़कों व कालोनियों के खुले प्लाटों में चारों ओर पानी भर गया। शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया।
लगातार बारिश के बाद तापमान गिरा, लेकिन उमस व गर्मी से लोग परेशान नजर आए। बेमौसम बारिश व मौसम में बदलाव से बीमारियों के बढऩे का खतरा बढ़ गया है। बारिश की वजह से बिजली की आंख मिचौली भी जारी है। बेमौसम बारिश से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बारिश व तूफान ने नकदी फसल को नुकसान पहुंचाया है। पेड़ों में लगी आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। खेतों में लगी साग-सब्जी, मूंग, धनिया, ककड़ी, कद्दू, डिंंगरा, तरबूज आदि की फसलें बारिश से खराब हो रही हैं।
उधर डीएसओ कार्यालय के आकड़ों पर गौर करें तो मंगलवार तक जिले में 43890 पंजीकृत किसानों से 4059234.40 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया है। परिवहन की गति काफी धीमी है। इसकी जानकारी होने पर कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए है।


बारिश व तूफान से अब तक 102 मकान क्षतिग्रस्त
लगातर बारिश व तूफान ने जिले में तबाही मचाई है। भू-अभिलेख विभाग के आकड़ों पर गौर करें तो 102 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मंगलवार की रात एक भैस की मौत छपारा क्षेत्र में हो गई। इसके पूर्व आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बरघाट व छपारा के दो लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि विभागीय जांच में बरघाट क्षेत्र में हुई मौत हार्ट अटैक से होना पाया गया है। दर्जनों की संख्या में मवेशियों, बकरियों और मूर्गे-मुर्गियों की मौत की बात बताई जा रही है।

akhilesh thakur Bureau Incharge
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