देखिए आधी रात पहुंची रेस्क्यू टीम, बिना नुकसान पूरा हुआ ऑपरेशन

Sunil Vandewar

Updated: 26 Feb 2019, 12:31:35 PM (IST)

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. बीती रात करीब १२:३० बजे दक्षिण सामान्य वनमंडल अधिकारी टीएस सूलिया को सेवा सहकारी समिति मर्यादित (सोसायटी) आमागढ़ से कर्मचारी मनोज चौरसिया द्वारा कार्यालय में जहरीले पर्रामन सर्प के होने की सूचना प्राप्त हुई। बताया कि सर्प ज़ोर-ज़ोर से फुसकार रहा है, कार्यलय के कर्मचारी एवं गांव के लोग सांप की आवाज़ सुन और लोगों द्वारा पर्रामन सांप के संबंध में की जा रही चर्चा से घबराए हुए थे।
सूचना पाकर तत्काल उडऩदस्ता प्रभारी केके तिवारी के साथ सर्प विशेषज्ञ वनकर्मी अर्पित मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर करीब 4 फीट लंबे पर्रामन सर्प को रेस्क्यू किया। बिना किसी नुकसान के रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया और लोगों को सर्प के विषय मे सही जानकारी दी। अर्पित मिश्रा ने बताया कि भारत में सर्पों की करीब 280 प्रजातियां है जिनमे से लगभग 10 प्रतिशत से भी कम जहरीले सर्प पाए जाते हैं। लोगों की अक्सर झाडफ़ूंक-अज्ञानता वश या घबराहट में जान चली जाती है।
बताया कि भारत में दुनिया के 4 सबसे अधिक विषैले सर्प की प्रजाति कोबरा नाग, रासलवाईपर पर्रामन, करैत, दांडेकर स्काल्ड वाइपर फुर्सा अत्यंत बिषैले होते हैं। इन्हें मारने या छेड़-छाड़ करने की भूल कभी न करें सर्प दंश की अधिकतर दुर्घटना इसी वजह से होती है। सर्प कभी इन्सान को सामान्य स्थिति में नहीं काटता जब तक उसे आपका स्पर्श न हो या आप उसके अधिक नजदीक न हों। ज्यादातर सर्पदंश बिना जहर वाले सर्प के द्वारा होते हैं परंतु घबराहट, झाड़-फूंक और अज्ञानतावश लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है। अक्सर लोग सांप काटने के बाद झाड़-फूंक करवाने के लिए इधर-उधर जाते हैं, जो कि खतरनाक साबित होता है।
सर्प के विषय में व्याप्त हैं भ्रम -
बताया कि सर्प के बारे में लोगो मे कई प्रकार के भ्रम है। सांप की पूंछ में जहर या कांटा होता है या सांप का फुसकारना और फुसकार से जहर लग जाता है या अंग सडऩे या गलने लगते हैं। भारत में इस प्रकार का कोई भी सांप नही पाया जाता है। जिसके फुसकारने से जहर लग जाता हो, साउथ अफ्रीका में पाया जाने वाला स्पिटटिंग कोबरा ही अपने मुंह से जहर को बाहर निकाल कर फेंक सकता है, लोगों को सांपो के संरक्षण के लिए जागरूक होना चाहिये एवं लोगों को स्वंय के बचाव के लिए सही जानकारी होना चाहिए। जहरीला सर्प अगर काट ले तो उसका एक ही इलाज है। एवीएस का इंजेक्शन जो जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध है पीडि़त को जितना जल्दी हो सके अस्पताल ले जाना चाहिए।
बताई सावधानियां -
ग्रामीणों को बताया कि अगर सर्प ने काट लिया हो तो झाड़-फूंक जैसी फालतू बातों पर समय बर्बाद न करें। पीडि़त को शांत रखे एवं चलने फिरने न दें। तत्काल नजदीकी अस्पताल या जिला चिकित्सालय ले जाने की व्यवस्था करें। पानी ज्यादा न पिलाएं अगर गला अत्यधिक सुख रहा हो या आवश्यकता पड़े तो ही पानी की कुछ बुँदे या चमच से थोड़ा पानी पिलाए, गला गीला हो सके। जिस जगह पर सर्प ने काटा है उस काटे हुए निशान के ऊपर और नीचे हल्का बन्ध बान्ध ले या जिस प्रकार फे्रक्चर होने पर हाथ गले से लटकाया जाता है वैसे।
वन्यजीव बचाव एवं संरक्षण -
सर्प को सही जगह पर ठीक से रेस्क्यू किया जाना चाहिए, वन्यप्राणियों के साथ छेड़छाड़ करना या खिलवाड़ करने पर गंभीर दंड का प्रावधान है। वन्यजीव संरक्षण में सभी लोगों की भूमिका और उनका जीवन वन्यप्राणियों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण एवं अमूल्य है। ग्रामीणों ने इन जानकारी को याद रखने व दूसरे लोगों को अवगत कराने की बात कही।

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