अत्यधिक गर्मी में लू-तापघात भी हो सकता है जानलेवा

प्रचंड गर्मी और लू से बचने के लिए सावधानी जरूरी

By: sunil vanderwar

Updated: 01 May 2019, 12:13 PM IST

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में लू-तापघात सभी उम्र वर्ग में होने की संभावनाएं अधिक होती है। लेकिन वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु, युवा, गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को यह संभावनाएं अधिक होती हैं। अत्यधिक गर्मी में लू-तापघात जान लेवा भी हो सकता है।
लू-तापघात से बचने के लिए निर्जलीकरण से बचने के लिए बार-बार पानी पीना जरूरी है। घर से बाहर निकलने के पहले भर पेट पानी अवश्य पीयें तथा अपने साथ पीने का पानी हमेशा साथ में रखे। हल्का और ताजा भोजन करना जरूरी है। मौसमी फल तरबूज, खीरा, ककड़ी, संतरा, अनानास और अंगूर आदि का सेवन करना लाभदायक रहता है। दोपहर के समय छायादार स्थान पर रहना जरूरी है। दोपहर के समय शरीर को ढक कर रखे, हल्के रंग के ढीलेढाले कपड़े पहनें, धूप के चश्मे का उपयोग करें और सिर ढंक कर रखें।
लू लगने पर सिर दर्द] तेज बुखार, उल्टी अत्यधिक पसीना, बेहोशी आना] कमजोरी महसूस होना] शरीर में ऐठन और नब्ज असामान्य हो जाती हैं। लू लगने पर व्यक्ति को छायादार स्थान पर लेटायें, ठंडे पानी की पट्टियां माथे पर रखें, उसे नमकीन पेय पदार्थ जैसे पना, सत्तू आदि पिलायें। अत्यधिक चिंताजनक स्थिति में उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर ले जाना चाहिए।
जिला अस्पताल की ओर शासन दे ध्यान
रविदास शिक्षा मिशन के अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने विज्ञप्ति में कहा कि नगर में स्थित इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय अपने समय का गौरवशाली चिकित्सालय था। लेकिन वर्तमान में यह नागरिकों के लिए समस्या का कारण बन रहा है। यहां के चिकित्सक अपनी प्रायवेट क्लीनिक लगाकर नगर के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत देखे जा सकते है। इसके बाद भी जिला प्रशासन इनके खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नही करते।
कहा कि प्रशासनिक अधिकारी आते हंै वे जिला चिकित्सालय में जरूर उचित इलाज के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हैं। इसके बाद भी जिला चिकित्सालय से आम जनता को उचित इलाज नही मिलता। इस ओर शासन-प्रशासन से ध्यान दिए जाने का आग्रह किया गया है।

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