परिवहन विभाग में इस बाहरी व्यक्ति पर मेहरबान साहब

परिवहन विभाग में इस बाहरी व्यक्ति पर मेहरबान साहब

sunil vanderwar | Publish: Dec, 08 2017 11:51:49 AM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

- गोपनीयता पर खड़े हुए सवाल, आखिर उनसे क्यों काम ले रहा है एआरटीओ महकमा

सिवनी. महिला सशक्तिकरण एवं परिवहन विभाग के द्वारा संयुक्त रूप से गुरुवार को मप्र शासन के निर्देशानुसार पिंक लाइसेंस ड्राइव के तहत महिलाओं, युवतियों के नि:शुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनाने तीन स्थानों पर कैम्प लगाए गए। कैम्प का आयोजन जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय, शासकीय कन्या महाविद्यालय एवं डीपी चतुर्वेदी महाविद्यालय में हुआ। जिला महिला सशक्तिकरण कार्यालय में कलेक्टर गोपालचंद्र डाड, एआरटीओ देवेश बाथम, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी अभिजीत पचौरी उपस्थित रहे।
उक्त कैम्प में सैकड़ों आवेदिकाओं का ऑनलाइन पंजीयन हुआ। यहां जिन टेबलों पर आवेदन जमा किए जा रहे थे, वहां मुख्य रूप से परिवहन विभाग अथवा महिला सशक्तिकरण विभाग के कर्मचारी को कार्य सौंपा जाना था। इस महत्वपूर्ण कार्य में एक ऐसे व्यक्ति को लगाया गया, जो दोनों विभाग में से किसी में नियुक्त नहीं है। उक्त बाहरी व्यक्ति के द्वारा आवेदनों की जांच ही नहीं की जा रही थी, बल्कि उसको प्रमाणित कर आगे बढ़ाया जा रहा था। इससे एक ओर जहां गोपनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं आखिर उक्त व्यक्ति किसकी अनुमति से एआरटीओ महकमे का काम कर रहा है। इसका जवाब संबंधित अधिकारी भी नहीं दे पाए। बालिकाओं को लेकर कैम्प में पहुंचे लोगों ने जब उक्त बाहरी व्यक्ति को काम करते देखा तो चौक गए। क्योंकि उक्त व्यक्ति कलेक्टर की उपस्थिति में कैम्प में काम कर रहा था। लोगों ने इस पर नाराजगी जताई।

एआरटीओ ने पहले टाला, फिर स्वीकारा -
इस मामले में जब एआरटीओ देवेश बाथम से जानकारी चाही गई, तो उन्होंने पहले कहा कि कैम्प में परिवहन विभाग और महिला सशक्तिकरण विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं। जब उन्हें कैम्प में कार्य कर रहे उक्त बाहरी व्यक्ति की फोटो दिखाकर जानकारी चाही गई तब उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में स्टॉफ की कमी है, इसलिए इनका सहयोग लिया जा रहा है। किसकी अनुमति से उनको काम पर लगाया गया है पूछे जाने पर कोर्ई जानकारी नहीं दे पाए। कहा कि यह कोई अहम बात नहीं है।

कार्रवाई हो या कैम्प हर कहीं इनकी मौजूदगी
वहां पहुंचे लोगों ने बताया कि अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन विभाग के द्वारा जब भी कहीं कार्रवाई के लिए चैकिंग पाइंट लगाया जाता है, तो आम तौर पर उक्त व्यक्ति की मौजूदगी रहती है। कार्रवाई के दौरान इनका रूतबा भी किसी अधिकारी से कम नहीं होता है। यहां कैम्प में कलेक्टर, एआरटीओ और अन्य अफसरों के सामने कार्यरत कर्मचारियों के बीच इनकी मौजूदगी परिवहन विभाग में कायम रसूख को बयान कर रही है।
संबंधित अधिकारी से होगी पूछताछ
कलेक्टर गोपालचंद डाड ने इस मामले में कहा कि हम जहां गए थे, उस कार्यक्रम में सहयोग लिया जा सकता है। लेकिन किसी एजेेंट से काम लिया जा रहा था। इसकी जानकारी नहीं है। इस मामले में संबंधित अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।

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