रोगों से लडऩे की क्षमता देता है मां का दूध

रोगों से लडऩे की क्षमता देता है मां का दूध

Santosh Dubey | Updated: 10 Aug 2018, 12:51:42 PM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया गया विश्व स्तनपान सप्ताह

सिवनी. शासन के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सिवनी लक्ष्मी धुर्वे के मार्गदर्शन में परियोजना सिवनी शहरी में स्तनपान सप्ताह मनाया गया।
स्तनपान सप्ताह के दौरान महामाया वार्ड में व पृथ्वीराज चौहान वार्ड एवं सिवनी शहरी के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में स्तनपान सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से गर्भवती, धात्री, महिलाओं को स्तनपान की आवश्यकता एवं महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई जिसमें दीवार पर नारे लेखन, रैली का आयोजन किया गया। साथ ही गर्भवती, धात्री महिलाओं के घर-घर जाकर एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने व छह माह तक केवल स्तनपान कराने की समझाइश दी गई व घर के बाहर स्टीकर लगाकर परिवारजनों को शपथ दिलाई व गीत संगीत के माध्यम से महिलाओं को एकत्रित करके समझाइश दी गई।
इसी दौरान परियोजना अधिकारी मेहरीन मराबी, समस्त पर्यवेक्षक मैडम कौशल्या भांगरे, उषा मेराल, कविता दुवे और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पार्वती परिहार, रजनी शर्मा, ज्योति भार्गव, सुनीता सनोडिया, शोभना नागोत्रा ने जिला चिकित्सालय व प्रायवेट चिकित्सालयों में जाकर नवजात शिशुओं की माताओं को व उनके परिवार को जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने की समझाइश दी। उन्होंने स्तनपान का महत्व समझाते हुए बताया गया कि मां का पहला गाढ़ा दूध में रोगों से लडऩे की क्षमता होती है और विटामिन ए से भरपूर होता है। साथ ही छह माह तक केवल स्तनपान कराने व छह माह तक घुट्टी, शहद आदि कुछ भी न देने की समझाइश दी गई।
कुपोषण दूर करता है मुनगा
महिला एवं बाल विकास विभागान्तर्गत कुपोषण मुक्ति के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर द्वारा बताया गया कि सम्पूर्ण जिले में मुनगे से सुपोषण अभियान 2018Ó संचालित है। जिसके अंतर्गत सम्पूर्ण आंगनबाड़ी केन्द्रों में एवं अतिकम वजन के बच्चों के घर मुनगा का पौधा लगाया जा रहा है। मुनगा से सुपोषण अभियान के सफल संचालन के लिए जिला स्तरीय, परियोजना स्तरीय एवं सेक्टर स्तरीय कार्यशाला का आयोजन भी हो चुका है, जिसके अंतर्गत मुनगा के महत्व को फोकस किया गया है, मुनगा को न्यूट्रीषन डायनामाईट- माताओं का सबसे अच्छा दोस्त माना गया है। मुनगा बच्चों के लिए तो अत्यंत लाभकारी है, यह कुपोषण दूर करने में अत्यंत सहायक है, मुनगा की फल्ली से लेकर पत्तियों तक का सेवन अत्यंत लाभकारी है। मुनगा में विटामिन एबीसी खनिज (कैलशियम, आयरन, पोटेशियम) और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा होती है। यह जीवाणु रोधक के साथ-साथ रक्त शोधक भी है, जो कि बच्चों से लेकर वृद्ध तक लाभकारी है, अत: इसका उपयोग समस्त जनों को करना चाहिए, कम वजन एवं अतिकम वजन के बच्चों को सेवन कराने से शीघ्र ही स्वास्थ्य में सुधार परिलक्षित होने लगता है। मुनगा एक अनमोल उपहार है, सम्पूर्ण स्वास्थ्य का उत्तम आधार है।

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