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एक से 12वीं तक की कक्षा में दर्ज है तीन-चार वर्ष के छात्रों के नाम

– यू-डाइस डाटा में छात्रों की मेपिंग कर दिया शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने
– अपर मिशन संचालक आर. उमा महेश्वरी के पत्र से हुआ खुलासा
– शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने
– 1114 स्कूलों ने 2780 छात्रों के साथ किया है यह कारनामा

सिवनीMay 31, 2024 / 07:07 pm

sunil vanderwar

स्कूलों

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सुनील बंदेवार सिवनी. जिले के 1114 स्कूलों में तीन से चार वर्ष के 2780 छात्र-छात्राओं के नाम एक से 12वीं तक की कक्षा में दर्ज है। इनमें अधिकांश नाम 10वीं व 12वीं में दर्ज किए जाने की बात बताई जा रही है। इसका खुलासा राज्य शिक्षा केन्द्र के अपर मिशन संचालक आर. उमा महेश्वरी के पत्र से हुआ है। उन्होंने यह पत्र डीईओ एवं डीपीसी को जारी किया है। पत्र पर गौर करें तो उसमें कहा गया है कि छात्रों का यू-डाइस डाटा में गलत मेपिंग होने से ऐसा दिख रहा है। उन्होंने इसे सुधारने का समय शुक्रवार (31 मई) तक दिया है। खास है कि यदि उक्त डाटा में जिन छात्रों की गलत मेपिंग हुई है और उसको नहीं सुधारा गया तो उनको नि:शुल्क किताब, गणवेश, छात्रवृत्ति एवं मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधा नहीं मिल पाएगी।

अपर मिशन संचालक महेश्वरी की माने तो जिले के शासकीय स्कूलों के साथ ही अशासकीय स्कूलों ने भी यह कारनामा किया है। संचालक के पत्र जारी किए जाने के बाद शिक्षा महकमे में हडक़ंप मच गया है। बताया जा रहा है कि स्कूलों में मेपिंग सुधारने का कार्य जोरों पर चल रहा है। हालांकि जिस गति से यह सुधारा जा रहा है। उसको देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम तिथि तक कुछ बच्चे इससे वंचित रह सकते हैं।

शिक्षण सत्र 2023-24 के यू-डाइस डाटा में छात्रों की मेपिंग एवं ड्राप बॉक्स में चिन्हित बच्चों का वास्तविक परीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने निर्देश दिए थे। इसके बाद जिले के सभी आठ विकासखण्ड के स्कूलों की यू-डाइस डाटा में मेपिंग की गई। डाटा का परीक्षण करने पर पता चला कि तीन एवं चार वर्ष के छात्रों की मेपिंग कक्षा एक से 12 में कर दी गई है। छात्रों (बच्चों) की उम्र के मुताबिक कक्षा में मेपिंग नहीं होने से प्रत्येक कक्षा के छात्रों की संख्या में गड़बड़ी होने की स्थिति में उनको नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
गलत मेपिंग का ये हैं मुख्य कारण-


जानकारों की माने तो छात्रों की गलत कक्षा में मेपिंग के मुख्य रूप से दो कारण बताए जा रहे हैं। छात्रों की जन्मतिथि की एंट्री एवं छात्रों की गलत कक्षा में मेपिंग करना। जिले के आठ विकासखण्ड के ऐसे 2780 छात्रों की सूची सामने आई है, जिनकी आयु वर्ग के अनुसार सुधार के लिए डीईओ एवं डीपीसी को राज्य शिक्षा केन्द्र के अपर मिशन संचालक महेश्वरी ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अंतिम तिथि तक यू-डाइस डाटा में सुधार की कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरी की जाए ताकि कोई भी छात्र-छात्रा शैक्षणिक सत्र 2024-25 में शासन की योजनाओं से वंचित न रह सके।
इनका कहना है –
यू-डाइस डाटा की एंट्री स्कूलों के प्रभारी के माध्यम से हुई थी। उसमें गलती तो हुई है। जिले के 1100 स्कूलों की त्रुटि सामने आई है। उसका सुधार भी स्कूलों से होना है। आईडी पासवर्ड उन्हीं के पास है। हमने सभी सम्बंधित शाला प्रभारी को पत्र लिखकर डाटा में सुधार के लिए कहा है। हमने सभी स्कूल प्रभारियों को ऑनलाइन एंट्री के सम्बंध में पहले प्रशिक्षण भी दिया है। पुन: काम में सावधानी रखने को कहा है।
– दिनेश खांडिलकर, यू-डाइस इंचार्ज, जिला शिक्षा केन्द्र सिवनी

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