यहां देश के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं शिक्षक

दल्लेटोला में विधायक, मेटेवानी में कलेक्टर को नहीं मिले शिक्षक, सांसद कुलस्ते से ग्रामीणों ने की प्रधानाध्यापक के नहीं आने की शिकायत

By: akhilesh thakur

Published: 11 Dec 2017, 11:22 AM IST

सिवनी. जिले में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है। शिक्षक समय से स्कूल में उपस्थित नहीं रह रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर के निरीक्षण में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इसके बाद भी महकमा इसको लेकर गंभीर नहीं है। लगातार जनप्रतिनिधियों को अनुपस्थित मिल रहे शिक्षकों को देखकर ऐसा कहा जा रहा है।
जिले के युवाओं के भविष्य के लिए शिक्षकों की यह मनमानी ठीक नहीं है। यदि समय रहते शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो परिणाम ठीक नहीं रहेंगे। कलेक्टर गोपालचंद्र डाड को आठ दिसम्बर को मेटेवानी में निरीक्षण के समय सहायक अध्यापक भरतलाल अनुपस्थित मिले।
इसके २४ घंटे भी नहीं बीते की नौ दिसम्बर को सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन को प्राथमिक शाला दल्लेटोला में नीतु गौतम एवं रामवती उईके अनुपस्थित मिली। दोनों के खिलाफ शिकायत मिली कि वे प्रतिदिन दोपहर एक बजे शाला पहुंचकर दोपहर तीन बजे प्रस्थान कर जाती है। बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। यहां मध्याह्न भोजन भी नहीं मिल रहा है।
विधायक को प्राथमिक शाला माहुलपानी में सविता धुर्वे, माध्यमिक शाला गोरखपुर में चौधरी एवं एसके राजनेगी। प्राथमिक शाला चिखली में दुर्गावती उइके एवं जगदीश चौकसे, माध्यमिक शाला चिखली में दुर्गाप्रसाद पटेल एवं कृपाल उइके अनुपस्थित मिले। इसके पूर्व बीते आठ दिसम्बर को खखरिया में स्कूल भवन का लोकार्र्पण करने पहुंचे सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को स्थानीय ग्रामीण और बच्चों ने प्रधानाध्यापक के नियमित रूप से शाला नहीं आने की शिकायत की थी।
खास है कि कलेक्टर डाड ने मौके पर अनुपस्थित मिले शिक्षक को नोटिस जारी किया और वेतन वृद्धि रोकने का निर्र्देश दिया। लेकिन जनप्रतिनिधियों को अनुपस्थित मिले शिक्षकों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। इस संबंध में संबंधित महकमा केवल जांच की बात कर रहा है। विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक को पंजिका में कहीं आने और जाने की बात का उल्लेख करना होता है, लेकिन अनुपस्थित किसी भी शिक्षक के विद्यालय में ऐसी कोई जानकारी विधायक को नहीं मिली।

आदिवासी विकास से संचालित स्कूलों में सबसे अधिक अनुपस्थिति
गौर करने वाली बात है कि सबसे अधिक शिक्षकों की अनुपस्थिति आदिवासी विकास विभाग से संचालित स्कूलों में है। उक्त स्कूलों के शिक्षकों पर संबंधित विभाग प्रमुख की हनक नहीं दिख रही है। दबी जुबान शिक्षकों की माने तो निरीक्षण के समय सहायक आयुक्त एक से दूसरे स्कूल जाते समय कुछ चुनिंदा प्राचार्य व शिक्षक को अपने साथ रखते हैं, जिससे शिक्षकों ने एक दूसरे को देखकर मनमानी करनी शुरू कर दी है। खैर जो भी यह बच्चों के भविष्य के ठीक नहीं है।

सांसद कुलस्ते ने कोई शिकायत नहीं की
कलेक्टर के निरीक्षण में अनुपस्थिति मिले शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकी जाएगी। विधायक राय का कॉल आया था, वहां एक शिक्षकों को भेजा था। संबंधित शिक्षकों ने जनशिक्षा केन्द्र की मीटिंग में जाने की बात बताई हैं। बीडीओ से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। सांसद कुलस्ते ने कोई शिकायत नहीं की है। मैं निरीक्षण के समय किसी प्राचार्य व शिक्षक को साथ नहीं ले जाता हूं।
- सत्येंद्र सिंह मरकाम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग

akhilesh thakur Bureau Incharge
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