बरघाट ब्लॉक में जनशिक्षकों की मनमानी, दो को नोटिस जारी

बरघाट ब्लॉक में जनशिक्षकों की मनमानी, दो को नोटिस जारी

Sunil Vandewar | Updated: 23 Jul 2019, 12:12:52 PM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

जनशिक्षक ने कहा चाहे बंद करना पड़े स्कूल, बैठक में आओ

सिवनी. बरघाट ब्लॉक के दो जनशिक्षकों को सोशल मीडिया पर मैसेज करना भारी पड़ सकता है। डीपीसी ने नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। मामला जनशिक्षकों द्वारा सोशल मीडिया पर चलाए गए मैसेज से जुड़ा है। इन मामले में बरघाट बीआरसीसी से भी जानकारी लिए जाने की बात कही है।
बरघाट ब्लॉक में बीते दिनों हुई ब्लॉक स्तरीय बैठक में शिक्षकों को स्कूल बंद कर पहुंचने के लिए सोशल मीडिया (वाट्सअप गु्रप) में मैसेज भेजने वाले बरघाट व धारनाकला जनशिक्षा केन्द्र के जनशिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला शिक्षा केन्द्र के परियोजना समन्वयक जगदीश प्रसाद इड़पाचे ने बताया कि जनशिक्षक मनोज चौरे व मानसिंह मर्सकोले को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि 11 जुलाई को बरघाट में आयोजित ब्लाक स्तरीय बैठक में प्रधानपाठकों को दोपहर डेढ़ बजे के बाद स्कूल बंद करके उपस्थित होने का मैसेज वाट्सअप पर भेजा गया था। जिसकी शिकायत डीपीसी तक पहुंची थी। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निर्धारित समय के पहले स्कूल बंद किया जाना नियमों के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में आता है। बरघाट व धारनाकला के जनशिक्षकों को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। नोटिस में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधितों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बीआरसीसी का ये जवाब -
बरघाट बीआरसीसी पीडी नाग का कहना है कि बैठक में शिक्षकों को अनिवार्य रूप से बुलाना था, लेकिन जनशिक्षक ने जो मैसेज चलाया वह अनुचित था। बताया कि जनशिक्षक मानसिंह मर्सकोले ने वॉटसएप गु्रप पर शिक्षकों को मैसेज किया कि भले ही स्कूल बंद करना पड़े, लेकिन बैठक में पहुंचो, बैठक अनिवार्य है। बताया कि दूसरे जनशिक्षक मनोज चौरे ने लिखा था, कि एक शिक्षक बैठक में आए, एक स्कूल में ठहरे। इस मामले में बीआरसीसी ने भी जनशिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
न स्कूलों में सुधार, न शिक्षक गंभीर -
क्षेत्रीय ग्रामीण, अभिभावक बताते हैं कि बरघाट ब्लॉक में न तो सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं हैं और न ही शिक्षकों की कार्यप्रणाली में सुधार दिख रहा है। ग्रामीण अंचल के स्कूल अब भी देर से खुलना, समय से पहले बंद होने की स्थिति बनी है। यह स्थिति पूर्व में बीआरसीसी, जनशिक्षक स्वयं देख चुके हैं। नोटिस की औपचारिकता मात्र हो रही है, शिक्षकों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से औचक निरीक्षण कर लापरवाहों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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