सहकारी समिति के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं शुरू हो पाई धान की खरीदी

आज 11 बजे होगी उपायुक्त से चर्चा मांगे नहीं माने जाने पर जारी रहेगा हड़ताल

By: akhilesh thakur

Published: 17 Nov 2020, 12:34 PM IST

सिवनी. कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग के निर्देश पर जिले के अलग-अलग सोसायटियों का निरीक्षण कर धान खरीदी के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने का दांवा करने वाले राजस्व अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुलते नजर आ रही है। 16 नवंबर से शुरू होने वाली धान की खरीदी सोमवार को नहीं हो पाई। भले ही जिला प्रशासन इसके पीछे स्थानीय छुट्टी का हवाला दें, लेकिन यह स्थिति सहकारी समितियों के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से बनी है।


मध्यप्रदेश सहकारी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले जिले के करीब ५७ सोसायटी के कर्मचारी पांच दिनों से हड़ताल पर है। बीते शुक्रवार को नान प्रबंधक व जिला आपूर्ति अधिकारी के प्रतिनिधि की बातचीत में मामला नहीं बन पाया। हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों की माने तो मंगलवार को उनकी उपायुक्त से चर्चा होनी हैं।

चर्चा में उनकी प्रमुख मांग तीन वर्षों से धान, गेहूं, चना उपार्जन का लंबित भुगतान, प्रासंगिक व्यय समिति को नान व विपणन संघ से अप्राप्त कमीशन राशि, कंप्यूटर ऑपरेटरों का तीन वर्षों से अप्राप्त मानदेय, राशन दुकानों को बीते दो माह से कम प्राप्त हो रहे आवंटन, सड़ा-गला अनाज प्राप्त होने की समस्या दूर करने, पांच वर्षों से खरीदी के दौरान समितियों को अप्राप्त लोडिंग की राशि आदि पूरी होती हैं तो खरीदी होगी।

यदि यह मांगे पूरी नहीं हुई तो किसी भी कीमत पर खरीदी नहीं होगी। महासंघ के बंशी ठाकुर का कहना है कि हमारी मांगे जायज हैं। हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता हैं। ऐसे में हमलोग इस बार खरीदी मांगे पूरी होने के बाद से ही करेंगे।

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गेहूं, धान सड़ गए इस बार भी नहीं दिख रहे अच्छे आसार
जिला प्रशासन और सोसायटी के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से विगत वर्ष खरीदे गए गेहूं व धान सड़ गए। सरकार को अरबों रुपए का नुकसान हुआ। इसके बावजूद वर्तमान में जिस तरह की स्थिति बन रही है। उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि संबंधितों ने पिछली गलतियों से सबक नहीं लिया है। नतीजा इस वर्ष भी अच्छा होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। खास है कि बीते पखवारे भर से अधिक समय से सोसायटी-सोसायटी घूम रहे राजस्व अधिकारी तैयारियों की जायजा ले रहे थे, लेकिन अधिकांश जगहों पर अभी भी वारदाने नहीं पहुंचे हैं।

akhilesh thakur Bureau Incharge
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