विद्यार्थियों ने सुनी चीतल की आवाज, वृक्षों के जाने वैज्ञानिक नाम

पेंच टाइगर रिजर्व में अनुभूति कार्यक्रम

By: akhilesh thakur

Published: 30 Dec 2018, 11:53 AM IST

सिवनी. पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन अंतर्गत घाटकोहका परिक्षेत्र में शुक्रवार को तृतीय अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, बेलपेठ, घाटकोहका, पतरई, विजयपानी, ंशासकीय माध्यमिक शाला घाटकोहका, सर्राहिर्री, ढुटेरा, बरेलीपार, शासकीय प्राथमिक शाला, सिमरिया, कर्माझिरी टिकाड़ी, कन्या आश्रम बरेलीपार के कक्षा 5वीं से 10वीं तक के 123 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें 58 छात्र एवं 65 छात्राएं रही।
विद्यार्थियों को सुबह कर्माझिरी के पास स्थित रूनीझूनी नेचर ट्रेल का भ्रमण कराया गया। नेचर ट्रेल में बाघ का पगमार्क, विष्ठा देखा गया। चीतल की कॉल सुनाई पड़ी, जिससे बाघ के आस-पास होना महसूस किया गया। विभिन्न प्रजातियों वृक्षों के नाम, उनका वैज्ञानिक नाम, उनके उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अनेक प्रकार के पक्षियों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही साथ नेचर ट्रेल पर मकड़ी जाल, दीमक का रहवास, गेनाईट एवं क्वार्टजाईट पत्थर आदि विषयों पर मास्टर्स ट्रेनर्स एवं वन अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई।
इसके बाद प्रतिभागियों को पार्क का भ्रमण कराया गया । भ्रमण के दौरान चीतल, सांभर, नीलगाय, मोर, आदि वन्यप्राणियों को देखा गया। अलीकट्टा के पास पेंच नदी में लगभग 50-60 की संख्या में गिद्धों का झुण्ड दिखाई दिया। पार्क भ्रमण के बाद चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया। साथ ही अनुभूति में भाग लेने वाले समस्त बच्चों को पेन, कैप, वन एवं वन्यप्राणियों से संबंधित पुस्तिका इत्यादि प्रदाय किया गया।
इस अवसर पर भूतपूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहनसिंह चंदेल, जिला पंचायत जनपद सदस्य सविता कर्वेती, जनपद सदस्य शांताबाई सरयाम तथा कर्माझिरी के शिक्षक बसंत दुबे, सर्राहिरी के शिक्षक शंकरलाल भलावी, कन्या आश्रम की अधीक्षिका बरकड़े, घाटकोहका के शिक्षक, भैरम एवं पेंच टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार, सहायक वन संरक्षक सिवनी क्षेत्र बीपी तिवारी, घाटकोहका के परिक्षेत्र अधिकारी, गौतम सोनी, कर्माझिरी के परिक्षेत्र अधिकारी राजूसिंह राजपूत, परिक्षेत्र सहायक विजयपानी सतीराम उइके, परिक्षेत्र सहायक कर्माझिरी इन्द्रमणी तिवारी, तथा अन्य क्षेत्रीय कर्मचारी एवं मास्टर ट्रैनर्स राजेश टेमरे, महेन्द्र राहंगडाले, शिवानी बघेल एवं कर्माझिरी के गाईड्स एवं नेचुरलिस्ट उपस्थित रहे।

जंगल से मिलता है शुद्ध आक्सीजन
सिवनी. उत्तर वनमंडल सिवनी के अंतर्गत वन परिक्षेत्र घंसौर के अंतर्गत बिनोरी शुक्रवार को अनुभूति कार्यक्रम हुआ। इसमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किन्दरई, कुडोपार एवं शासकीय कन्या हाइस्कूल घंसौर के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्र-छात्राओं को मास्टर ट्रेनर खान साहब ने बताया की जंगल से हमे शुद्ध ऑक्सीजन मिलता है। इसके कारण हम सही सलामत है। जंगल में अधिक से अधिक पेड़ पौधा रहेंगे तो अधिक से अधिक शुद्ध हवा मिलेगी, जिससे पृथ्वी का वातावरण अच्छा रहता है। बारिश भी अच्छी होती है। छात्र-छात्राओं को पेड़ पौधों के बारे में बताया गया। पेड़ों के वैज्ञानिक नाम और उनसे होने वाले लाभ के बारे में बताया गया। चेक डेम के बारे मैं बतायया गया। वनों की देखरेख करने और अधिक से अधिक पेड़ लगाये जाने की बात बताई गई, ताकि भविष्य मैं पर्यावण अच्छा रहे। अनुभति कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। छात्र-छात्राओं ने कहा की अनुभति कार्यक्रम में अच्छा लगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षण अधिकारी शशि मलिक, वनमंडलाधिकारी गौरव चौधरी, उप वन मंडलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता लखनादौन, वन परिक्षेत्र अधिकारी एससी तिवारी धूमा, मनीराम उइके घंसौर, परिक्षेत्र सहायक पीएस तेकाम बिनोरी, एचएल विसेन केदारपुर, विनोद शर्मा पाटन, वनरक्षक संतोष मडावी, राजेश कुशवाहा, कृपाल मर्सकोले, महेंद्र मिश्रा, अंकित मानगड़े वन समिति अध्यक्ष भगत राजपूत बिनोरी, प्रेम यादव सालहेपानी आदि मौजूद रहे।

akhilesh thakur Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned