जान हथेली पर रखकर ले जाते हैं जनाजा

जान हथेली पर रखकर ले जाते हैं जनाजा
जान हथेली पर रखकर ले जाते हैं जनाजा

Mantosh Kumar Singh | Updated: 12 Oct 2019, 12:07:32 PM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

कब्रिस्तान पानी में डूब जाती हैं।

छपारा. पिछले चार दशकों से मुस्लिम समुदाय छपारा में जान को हथेली में रखकर जनाजा कब्रिस्तान लेकर जाते हैं। वैनगंगा नदी के किनारे से मुस्लिम समुदाय की कब्रिस्तान हैं। जो संजय सरोवर बांध में पानी भर जाने की वजह से कब्रिस्तान जाने वाला मार्ग और कब्रिस्तान पानी में डूब जाती हैं। कब्रस्तान तक पहुंचने के लिए लोगों को 4 फीट पानी से गुजर कर कब्रिस्तान तक पहुंचना पड़ता है। मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को छपारा में मिला।
जब पिजारी वार्ड के रहने वाले बाबू भाई का जो बोरिया ग्राम के रहने वाले हैं। अचानक इंतकाल हो गया। जिन्हें दफनाने के लिए कब्रस्तान ले जाने के लिए करीब 4 फीट पानी से लोगों को जाना पड़ा। कई लोगों ने तो ज्यादा पानी के कारण कब्रिस्तान जाना मुनासिब नहीं समझा। सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों के साथ खड़ी हो गई जो लोग बाहर से आए थे। पानी से जनाजा के साथ कब्रिस्तान तक जाना पड़ता है तो कपड़े भी गीले हो जाते हैं। यह स्थिति चार दशकों की है लेकिन इसके बाद भी उपेक्षित मुस्लिम समाज की ओर आज तक कब्रिस्तान की भूमि आवंटित कराने के लिए कोई भी दल ने रुचि नहीं दिखाई। जो इस तरह की स्थितियों के बीच का कब्रिस्तान तक जनाजा जाते हैं। गौरतलब है कि वैनगंगा नदी में जब से संजय सरोवर बांध बना है। तब से मुस्लिम समुदाय की कब्रिस्तान डूब क्षेत्र में आ गई हैं। लेकिन अब तक उनको कब्रस्तान के लिए कोई भूमि आवंटित नहीं की गई है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण बहुत से लोग कब्रिस्तान तक जनाजे के साथ पहुंच नहीं पाते। जैसे तैसे जो लोग जनाजे के साथ जान को जोखिम में डालकर कब्रिस्तान पहुंचते हैं। उन्हें भी अपनी जान गंवाने का खतरा बना हुआ रहता है। वैनगंगा नदी के मोती नाला पर बना पुल जो पानी में डूब चुका है। उसी से जनाजा लेकर गुजरते हैं जो जर्जर अवस्था में है। जिससे बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती हैं।
इनका कहना है -
मुस्लिम समुदाय की लंबे समय की मांग है। उन्हें कब्रिस्तान की भूमि आवंटित की जाए। कठिनाइयों के बीच शव को दफनाया जाता है। शासन प्रशासन से मांग है कि कब्रिस्तान की भूमि आवंटित कराई जाए।
जमील खान, समाजसेवी
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जब से संजय सरोवर बांध बना है तब से मुस्लिम और क्रिश्चियन समुदाय की कब्रिस्तान डूब जाती हैं। बारिश के दिनों पर शव को दफनाने में बड़ी दिक्कत होती है। कुछ स्थानों पर बची कब्रस्तान जमीन पर भी अवैध कब्जा कर लिया गया है। शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर दोनों ही समुदाय को कब्रिस्तान के लिए भूमि आवंटित की जानी चाहिए।
प्रदीप मसीह, स्थानीय नागरिक
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मुस्लिम और क्रिश्चियन समुदाय के कब्रिस्तान के लिए भूमि के संबंध में कलेक्टर ने भी जानकारी मांगी है। तहसील कार्यालय से जानकारी भेजी जाएगी। इस समस्या के निदान के लिए जल्द ही कोई ना कोई निदान किया जाएगा।
नितिन गोंड, तहसीलदार छपारा

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