पांच महीने से नहीं मिला वेतन, फिर भी सम्मान के लिए जुटा रहे धन

जिले के शिक्षकों ने कलेक्टर से भी बताई समस्या

By: sunil vanderwar

Published: 18 Feb 2020, 12:30 PM IST

सिवनी. जिन शिक्षकों को ५-५ महीनों से वेतन नहीं मिला है, उन्हें भी मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी मुहिम के तहत स्कूलों को स्मार्ट बनाने के लिए टीवी खरीदने धन जुटाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं मायूस शिक्षकों को जब अपने परिवार व जरूरतों को पूरा करने वेतन की जरूरत है, तब उन्हें सम्मान के लिए मंच पर बुलाया जा रहा है। ऐसे में न चाहकर भी शिक्षक अधिकारियों के सामने चेहरे पर मुस्कान लिए पहुंच रहे हैं।
आदिवासी विकास विभाग व शिक्षा विभाग में हुए तबादले और संसोधनों के बाद सम्बंधित शिक्षकों को ५-६ माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद विकासखण्ड स्तर पर उन शिक्षकों के ऊपर मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी के तहत स्मार्ट क्लास के लिए स्वयं के खर्च अथवा जनसहयोग लेकर स्मार्ट टीवी खरीदने का जोर डाला जा रहा है। ताकि विकासखण्ड का अच्छा प्रदर्शन जिला व प्रदेश में दिखे। अहम बात ये है कि कमिश्नर, कलेक्टर द्वारा मुहिम को स्वप्रेरणा से आगे बढ़ाने को कहा गया था।
सम्मान समारोह में सुनाई थी समस्या -
कुरई बीआरसीसी चित्तोड़सिंह कुसराम ने बताया कि दो दिन पूर्व कुरई विकासखण्ड के 125 स्मार्ट कक्षाओं का आरंभ एवं शिक्षकों का सम्मान समारोह एनएच सेवन पर सड़क-मोहगांव में हुआ था। कार्यक्रम के दौरान तबादले से आए नए शिक्षकों की ५-६ महीने से वेतन रूकी है, उन्होंने कलेक्टर के सामने अपनी बात रखी थी। शिक्षकों की वेतन जारी कराने के लिए वरिष्ठ कार्यालय में भी जानकारी लेने पर बताया जा रहा है कि तबादले के बाद ट्रेजरी के रिकार्ड में जब पद प्रदर्शित होंगे, तभी वेतन बनेगी, जिसमें कुछ समस्या आ रही है।
पति-पत्नी शिक्षक, दोनों का अटका वेतन -
शिक्षकों की तंगहाली के ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, कि पति और पत्नी दो शिक्षक हैं, लेकिन तबादला, संसोधन जैसी स्थिति के कारण दोनों को ही पांच-पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। परिवार की जरूरतें पूरी करने उधार तक लेना पड़ रहा है। कह रहे हैं कि किसी एक का वेतन मिल जाता तो कुछ राहत मिलती, लेकिन ये भी नहीं हो पा रहा।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं शिक्षक -
हमें खुद पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। हमारी ही तरह अन्य कई शिक्षक हैं, जो आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं। इस सम्बंध में कलेक्टर को भी अवगत कराया है। वेतन भुगतान में देरी का फीडिंग नहीं हो पाना बता रहे हैं, इसके अलावा लिपिक वर्ग भी सही काम नहीं कर रहा है, जिससे शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल रही है।
श्रवण डहरवाल, जिला अध्यक्ष प्रांतीय शिक्षक संघ
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भोपाल तक सुना चुके हैं समस्या -
आदिवासी विकास व शिक्षा विभाग के करीब १७७ शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद ५-६ महीने की वेतन अटकी है। करीब पांच सौ शिक्षक वर्ग-१ के ऐसे हैं जिनको पिछले एक माह का वेतन नहीं मिला। बीइओ कहते हैं आवंटन नहीं आया है। भोपाल व जिले में भी बात की जा रही है।
विपनेश जैन, जिला अध्यक्ष राज्य अध्यापक संघ

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