पेंच नेशनल पार्क नए साल में हाउस फुल

पर्यटकों को दिखाई दे रही कॉलर वाली बाघिन और टीवन बाघ

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Published: 30 Dec 2018, 12:02 PM IST

सिवनी. पेंच नेशनल पार्क प्रबंधन ने नए साल को लेकर तैयारियां पूरी कर ली है। इसके चलते पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है। भारी ठंड के चलते भी पर्यटकों में उत्साह है। सुबह से तैयार होकर सफारी के लिए निर्धारित समय पर गेट से प्रवेश ले लेते हैं। डिप्टी डारेक्टर एमबी सिरसैया ने बताया कि क्रिसमस और नए साल के लिए पेंच नेशनल पार्क हाउस फुल चल रहा है। पार्क में घूमने वाले पर्यटकों को रोज बाघ दिखाई दे रहे हंै। पर्क में कुल ९८ जिप्सियां है। जो सुबह ४९ एवं शाम को ४९ जा रही हैं। पर्यटकों को कॉलर वाली बाघिन और टीवन बाघ नजर आ रहे हैं। बाघिन अपने शावकों के साथ सड़क पार करते हुए तो कभी सड़क पर बैठी हुई दिखाई देती है। जिसके चलते पर्यटक रोमांचित हो रहे हैं।

पेंच का नामकरण-
जिले की सीमाओं पर ११६८ वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान का नामकरण इसे दो भागों में बांटने वाली पेंच नदी के नाम पर हुआ है। यह नदी उद्यान के उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर बहती है। देश का सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्व होने का गौरव प्रात करने वाले पेंच राष्ट्रीय उद्यान को 1993 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित इस नेशनल पार्क में हिमालयी प्रदेशों के कई प्रजातियों के पक्षी आते हैं। अनेक दुर्लभ जीवों और सुविधाओं वाला पेंच नेशनल पार्क तेजी से पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है।
पेंच की विशेषता-
अनेक दुर्लभ जीवों और सुविधाओं वाला पेंच नेशनल पार्क पर्यटकों को तेजी से अपनी ओर आकषिर्त कर रहा है। खूबसूरत झीलें ऊंचे पेड़ों के सघन झुरमुट रंगबिरंगे पक्षियों का कलर शीतल हवा के झोंके सोंधी-सोंधी महकती माटी वन्य प्राणियों का अनूठा संसार सचमुच प्रकृति के समूचे सिहरन भर देता है। पेंच नेशनल पार्क कोलाहल करते कई प्रजाति के पक्षियों पलक झपकते ही दिखने और गायब हो जाने वाले चीतल सांभर और नीलगाएं भृकुटी ताने खड़े जंगली भैंस और लगभग ६० से ८० बाघों से भरा पड़ा है।

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