सचिव ने भाई के नाम कंपनी बनाकर किया गबन, बिल में दिया सिवनी मालवा का मोबाइल नंबर

ग्राम पंचायत छीतापार में बिना पुलिया बनाए व स्कूल में पानी की व्यवस्था किए बिना निकाल ली राशि

By: akhilesh thakur

Updated: 13 Nov 2020, 12:38 PM IST

अखिलेश ठाकुर सिवनी. ‘मैं सिवनी मालवा से बोल रहा हूं। मेरे नाम से कोई फर्म नहीं हैं। दोबारा मेरे नंबर पर काल कर परेशान मत करना।’ यह बातें ग्राम पंचायत छीतापार में कराए गए कार्यों के लिए सिदरा कंस्ट्रक्शन कंपनी से जारी बिल में दिए गए मोबाइल नंबर 7000411478, 84435418381 से जब जांच टीम ने संपर्क किया तो उनको सुनने को मिले। जांच टीम ग्राम पंचायत छीतापार में किए गए निर्माण कार्यों की राशि के गबन के मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी हैं।


जांच करने वाली टीम में शामिल बीपीओ महेंद्र सिंह कुमरे, पंचायत समन्वय अधिकारी (पीसीओ) हीरालाल चंद्रा, उपयंत्री (जेई) हेमंत कुमार जंघेला ने बताया कि ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव राजिक अंसारी का स्थानांतरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी के आदेश क्रमांक 383/पंचाय.प्रको./2020 दिनांक 26 जून 2020 को हो गया था। इसके बावजूद सचिव ने २७ जून को पांच निर्माण कार्यों में राशि 14 लाख 63 हजार 392 रुपए आहरित कर लिया। इसमें 11लाख 83 हजार 638 रुपए सिदरा कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से आहरित किया हैं। बिल में उल्लेखित उक्त मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उक्त बाते जांच अधिकारियों को सुनने को मिले।


ग्राम पंचायत सचिव ने जिन पांच कार्यों के नाम पर राशि आहरित किया हैं। उसमें ग्राम पंचायात के बाउण्ड्रीवाल का निर्माण, बालकराम के घर से हुकूमचंद के घर तक सीसी रोड, डाक्टर के घर से बालकराम के घर तक सीसी रोड, मुन्नीलाल के घर से चिम्मनलाल के घर की ओर तक सीसी रोड निर्माण एवं मुन्नीराम के घर से चिम्मनलाल के घर के बीच पुलिया निर्माण कार्य हैं।

चार कार्यों में मनरेगा अभिशरण का पालन नहीं किया गया है। पुलिया निर्माण में कोई कार्य संपादित नहीं हुआ है। यह पुलिया 3.99 लाख से बनाई जानी थी। 2.99 लाख रुपए आहरित कर लिया गया हैं। जांच में सामने आया कि माध्यमिक शाला छीतापार स्कूल भवन में पीने योग्य पानी की व्यवस्था के लिए शासकीय राशि एक लाख 72 हजार ४१७ रुपए का आहरण किया गया है।

स्कूल में पीने योग्य पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। जांच प्रतिवेदन कार्रवाई के लिए जिला पंचायत सीइओ को भेज दिया गया है। प्रतिवेदन में शिकायतकर्ता शिवकुमार चंद्रवंशी के कथन में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ एपआईआर दर्ज कराया जाए। उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

आखिर कब रूकेगा पंचायतों में भ्रष्टाचार
जिले के ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले सामने आने लगे हैं। जिम्मेदार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ पत्नी और रिश्तेदारों को दे रहे हैं। यह मामला कुरई विकासखंड के ग्राम पंचायत पीपरवानी में आया था। यहां भी शासकीय कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था। यहीं हॉल ग्राम पंचायत बकोड़ी हैं। सिवनी विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरी में सरपंच व सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला सामने आया हैं। यहां भी बिना काम कराए पैसे निकाल लिए गए हैं। इसमें भी सचिव राजिक अंसारी पर आरोपी है। जांच में मामला सही पाया गया है। अब देखना यह है कि इन ममाले में कब कार्रवाई होती हैं।

गड़बड़ी करने वालों पर की जा रही है कार्रवाई
ग्राम पंचायत छीतापार के मामले में कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत पीपरवानी व बकोड़ी के मामले में भी कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है। ग्राम पंचायत खैरी के मामले में कार्रवाई की जानी है। इसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। उसका अवलोकन किया जा रहा है।
- सुनील दुबे, सीइओ जिला पंचायत सिवनी

akhilesh thakur Bureau Incharge
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