रिश्वत लेने वाले पटवारी को हुई चार साल की सजा

रिश्वत लेने वाले पटवारी को हुई चार साल की सजा

Santosh Dubey | Updated: 11 Mar 2019, 08:59:18 PM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

जमीन का बंटवारा, नामांतरण के नाम पर मांगी रिश्वत

सिवनी. जिला सिवनी की अदालत ने फिर एक भष्ट्राचारी पटवारी को रिश्वत लेने के जुर्म में दोषी ठहराया है और जेल भेजा है।
मीडिया सेल प्रभारी मनोज सैयाम द्वारा बतााया गया कि प्रार्थी सीताराम गोंड पिता स्वराजी गोंड निवासी डालासिहोरा तहसील लखनादौन के द्वारा 20 जुलाई 2015 को लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में शिकायत दिया कि, उसके पिताजी का तीन वर्ष पहले देहांत हो चुका है पिताजी के नाम की जमीन का बंटवारा और नामांतरण कराना है। जिसके लिए उसने ग्राम हल्का के पटवारी संतोष सनोडिया से संपर्क किया। इस कार्य के लिए पटवारी 6000 रिश्वत मांगा जा रहा है। तथा उसने 1000 रुपए दे चुका हैं। वह पटवारी को रिश्वत नहीं देना चाहता है उसके विरूद्ध कार्यवाही चाहता है।
जिस पर लोकायुक्त पुलिस जबलपुर के द्वारा 22 जुलाई 2015 को आरोपी संतोष को उसके कार्यालय आदेगांव तहसील लखनादौन जिला सिवनी में प्रार्थी से 5000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था और रिश्वत की रकम बरामद की थी।
मामले की सम्पूर्ण कार्रवाई करते हुए विवेचना पूर्ण होने पर न्यायालय में अभियुक्त पटवारी संतोष सनोडिया के विरुद्ध चालान प्रस्तुत किया था। जिसकी सुनवाई संजीव श्रीवास्तव विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम की न्यायालय में सुनवाई की गई। जिसमें शासन की ओर से विशेष अभियोजक दीपा मर्सकोले, जिला अभियोजन अधिकारी के द्वारा गवाह और सबूत पेश किए गए और तर्क देकर मामले को प्रमाणित कराया। जिस पर न्यायालय द्वारा आरोपी पटवारी संतोष सनोडिया। निवासी कान्हरगांव को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं के तहत चार वर्ष की सजा एवं 5000-5000 रुपए जुर्माने से दंडित करने का निर्णय सुनाया जाकर उसे जेल भेजा है।

 

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned