तीन को निलंबित किया, सिवनी संभागस्तर पर पहुंच गया टॉप में

उप आयुक्त सहकारिता ने की पुष्टि

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Updated: 10 Apr 2019, 11:48 AM IST

सिवनी. जय किसान ऋण माफी योजना में सबसे पीछे चल रहा सिवनी सोमवार को टॉप पर पहुंच गया। इसकी पुष्टि उप आयुक्त सहकारिता जेपी सोनकुसरे ने मंगलवार को पत्रिका से की है। उनका कहना है कि बीते पांच दिन पूर्व उक्त योजना के कार्य में लापरवाही पर जिले के तीन समिति प्रबंधक को निलंबित किया गया था। उनके निलंबन के बाद इस कार्य में तेजी आई है, जिसका परिणाम है कि हम सबसे पीछे से संभागस्तर पर टॉप में पहुंच गए हैं।
उप आयुक्त सोनकुसरे की माने तो किसान ऋण माफी प्रकरण स्वीकृत होने के बावजूद जिले के किसानों को नोड्यूज जारी करने में कोताही बरतने सहित कार्यों में लापरवाही के अन्य मामले सामने आ रहे थे। इस पर मोहगांव, भोमा व गंगेरुआ के समिति प्रबंधकों को निलंबित कर दिया गया। सोनकुसरे ने बताया कि कलक्टर प्रवीण सिंह द्वारा योजना के तहत पात्र किसानों के ऋण माफी प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं। संबंधित किसानों को समितियों द्वारा नो डयूज प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। जिले की सभी समितियों में किसानों को जारी किए जा रहे नो डयूज प्रमाण पत्रों की भोपाल मुख्यालय से समीक्षा की जा रही है। समीक्षा के दौरान कम प्रगति पाए जाने व किसानों को नो डयूज प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही मिलने पर उक्त प्रबंधकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबित प्रबंधकों में गंगेरूआ के समिति प्रबंधक संतोष कटरे, मोहगांव समिति प्रबंधक लोटनसिंह तुरकर व भोमा समिति प्रबंधक राजेश रजक हैं। तीनों पर उक्त योजना में लापरवाही का आरोप है।

Patrika
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