तहसीलदार, थानेदार ने रूकवाया बाल विवाह

तहसीलदार, थानेदार ने रूकवाया बाल विवाह

Sunil Vandewar | Updated: 07 May 2019, 09:27:15 PM (IST) Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

बाल विवाह रोकने हर सूचना पर टीम अलर्ट, हो रही जांच

सिवनी. अक्षय तृतीया पर हर वर्ष बड़ी संख्या में विवाह होते हैं। कई बार ऐसा हुआ है कि नाबालिक का विवाह तक हो जाता है। जबकि यह कानूनन अपराध है। इस अपराध को रोकने के लिए शासन-प्रशासन ने जिले की सभी परियोजना अंतर्गत कंट्रोल रूम बनाए और वहां कर्मियों की तैनाती की है, जिनके द्वारा मिलने वाली हर सूचना के बाद मौके पर पहुचंकर दुल्हन की आयु की प्रमाणिकता के दस्तावेजों को जांचा। इसी के चलते एक बालिका का विवाह तहसीलदार, थानेदार ने रूकवाया।
जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी अभिजीत पचौरी ने बताया कि सिवनी ब्लॉक के एक गांव में बालविवाह होने की सूचना पर सिवनी तहसीलदार प्रभात मिश्रा, क्षेत्रीय थाना प्रभारी, परियोजना अधिकारी व तीनों विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। बालिका १८ वर्ष से कम आयु की थी, उसके परिजनों को समझाइस दी और लिखित सहमति प्राप्त कर बाल विवाह रूकवाया गया।
बताया कि जिले की सभी ११ परियोजना कार्यालय में एक-एक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। प्रत्येक में दो-दो कर्मी नियुक्त हैं। जहां-कहीं से भी बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है, कंट्रोल रूम के द्वारा तत्काल इस पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जानकारी ली जा रही है।
अक्षय तृतीया पर विशेष ध्यान देते हुए टीम अलर्ट है। छपारा परियोजना के एक गांव में सूचना के बाद तहसीलदार, परियोजना अधिकारी, आरआई, पटवारी की टीम शादी वाले घर पर पहुंची थी, लेकिन दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि दूल्हा-दुल्हन बालिक है।
बाल विवाह पर सजा और जुर्माना का प्रावधान
अक्षय तृतीया व अन्य दिनों में बाल विवाहों की आशंकाओं के मद्देनजर जनसामान्य से विभागीय दलों के द्वारा जागरुक रहने की सलाह देते कहा जा रहा है कि कि बाल विवाह को रोकना एवं इसे हतोत्साहित करना हर समझदार और कानून प्रिय व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बाल विवाह में सहयोग करने वाले व्यक्ति को सेवा प्रदाता मानते हुए उस पर बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत दो वर्ष के कारावास अथवा दो लाख रूपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है। किसी भी प्रकार के बाल-विवाह की सूचना होने पर जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी, परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस कंट्रोल रूम आदि में इसकी सूचना तत्काल दी जा सकती है।

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