देखिए रोजाना स्कूल में ताला लगाकर बच्चों को खाना खिलाने दूर ले जाते हैं शिक्षक

जुरतरा के सरकारी स्कूल के हकीकत की बीआरसीसी, जनशिक्षक को नहीं खबर

By: sunil vanderwar

Updated: 17 Apr 2019, 11:57 AM IST

Seoni, Seoni, Madhya Pradesh, India

सिवनी. सिवनी ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ हुए हादसे के बाद भी प्रशासन और शिक्षा विभाग के अफसरों में गंभीरता नहीं आई है। एक बार फिर पत्रिका का लाइव रिपोर्ट में ऐसी हकीकत से सामना हुआ, जो व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। कान्हीवाड़ा क्षेत्र के शासकीय उन्नयन माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं को रोजाना ही मध्यान्ह भोजन के लिए एक स्कूल से दूर दूसरे सरकारी स्कूल में जाना पड़ता है और फिर लौटकर उसी पहले स्कूल में पढऩे आते हैं।
जिला मुख्यालय से करीब ४० किमी दूर जनशिक्षा केन्द्र हिनोतिया के अंतर्गत शासकीय शासकीय उन्नयन माध्यमिक शाला जुरतरा है। जिसका डाइस कोड २३४४०१००३०४ है। इस शाला में हर दिन आधी छुट्टी के बाद ताला लगाकर बच्चों को खाना खिलाने गांव के दूसरे सरकारी स्कूल में जाना पड़ता है। यहां की प्रधानपाठक हेमलता घर्टे ने भी खुद इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसा तो रोजाना होता है। क्योंकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन कराना है, इसलिए दूसरे स्कूल लेकर जाते हैं और फिर यहीं लाकर पढ़ाई कराते हैं। यहां गौर करने वाली बात ये है कि बच्चों को अध्ययनरत शाला में ही मध्यान्ह भोजन कराने के निर्देश हैं।
बीआरसीसी, जनशिक्षक को नहीं खबर -
इस मामले में सम्बंधित जनशिक्षक ओपी नरेती से चर्चा की गई, तो उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी नहीं है कि जुरतरा में ताला क्यों लग जाता है। इसके बाद जब सिवनी बीआरसीसी राहुल प्रताप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे बिल्कुल जानकारी नहीं है कि उन्नयन माध्यमिक शाला के बच्चे एमडीएम खाने दूसरे स्कूल ले जाए जाते हैं। हालांकि उन्होंने इसे अतिसंवेदनशील बताते हुए सम्बंधित से जानकारी लेने की बात कही है।
दायरे से बाहर नहीं ले जाने के हैं नियम -
बीआरसीसी ने यह भी बताया कि जनशिक्षक से जानकारी लेने पर पता चला है कि उन्नयन माध्यमिक शाला जुरतरा के विद्यार्थियों को १०० मीटर दायरे से भी दूर लेकर जाया जाता है। यानि नियमों की अनदेखी कर प्रधानपाठक, शिक्षक रोजाना ही बच्चों को खाना खिलाने लाना-ले जाना कर रहे हैं। वहीं बीआरसीसी ने यह भी कहा कि मध्यान्ह भोजन उसी शाला में परोसना था, जो कि समूह द्वारा नहीं किया जा रहा है, यह भी गंभीर लापरवाही है।

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