तन से हार पर जीत संभव, मन से हार पर नहीं...

तन से हार पर जीत संभव, मन से हार पर नहीं...

Sunil Vandewar | Publish: May, 15 2018 11:31:35 AM (IST) Seoni, Madhya Pradesh, India

खैरापलारी में हो रही कथा का समापन

सिवनी. नगर में इन दिनों चल रहे भक्तिमय वातावरण में दुर्गा मंदिर आवास कॉलोनी में जारी भागवत कथा का श्रद्धालु रसपान कर रहे हैं। भागवत कथा वाचक उमानंद शास्त्री द्वारा किया जा रहा है।
शास्त्री ने कथा वाचन करते कहा किसी अच्छे संस्कार से ही भारत की संस्कृति खिल उठती है घर बदलने से हमारा जीवन नहीं बदलता बल्कि मन को बदलने से जीवन अपने आप बदल जाता है। तन से हारे हुए व्यक्ति की एक दिन जीत हो ही जाती है पर मन से हारे हुए व्यक्ति की कभी जीत नहीं होती। मन के हारे हार है और मन के जीते जीत है।
उन्होंने समझाया कि अच्छे बनने के लिए हमारी उम्र कम पड़ जाती है और बुरे बनने के लिए 1 सेकंड भी अधिक हो जाता है। अच्छे बनने के लिए बड़ी-बड़ी डिग्री की आवश्यकता होती है अच्छे स्कूल की आवश्यकता होती है पर बुरे बनने के लिए इन सब की आवश्यकता नहीं होती।
महाराज ने सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि सुदामा हर पल हर क्षण भगवान का नाम लेता और भजन करता था। बड़ी से बड़ी विपत्ति आने पर भी सुदामा ने कृष्ण का नाम लेता रहा और एक दिन श्रीकृष्ण ने उनकी जीवन की सारी विपत्ति दूर कर दिया। विश्वास और श्रद्धा हो तो क्या गरीबी और क्या अमीरी मित्रता में नहीं देखी जाती भगवान कृष्ण ने सुदामा को गले लगा कर यह सिद्ध कर दिया की प्रेम में ना गरीबी है ना अमीरी इसीलिए मुसीबत आने पर भी भगवान का नाम लेने से कष्ट दूर हो जाते हैं। आज अंतिम दिवस में महाराज ने कहा कि कल गीता उपदेश के साथ हवन पूजन का आयोजन होगा।


गरीब परिवारों को मिलेगा पांच लाख का बीमा
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत आयुष्मान भारत योजना की शुरूआत 15 अगस्त से होगी। योजना का लाभ देने के लिए पात्र परिवारों के सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को चिकित्सा स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है। इसके तहत 10 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों को प्रत्येक वर्ष पांच लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा देने की व्यवस्था है। इस योजना के मुख्य रूप से दो उद्देश्य हैं। पहला समुदायों के नजदीक व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सम्पूर्ण स्वास्थ्य केन्द्रों का जाल बिछाना और देश की 40 प्रतिशत आबादी को स्वास्थ्य बीमा के अन्तर्गत लाना है। इसके लिए परिवारों का चयन सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर किया जाएगा।

असंगठित कर्मकारों के सत्यापन एवं पंजीयन के सम्बन्ध में निर्देश जारी

सिवनी. असंगठित कर्मकारों के पंजीयन का कार्य एक अप्रैल से आरम्भ होकर 25 अप्रैल तक किया गया। राज्य शासन के श्रम विभाग द्वारा असंगठित कर्मकारों के चिन्हांकन के पश्चात उनके सत्यापन एवं पंजीयन के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक आवेदन-पत्र को स्कैन करके उसकी सॉफ्टकापी तैयार की जाए।
चिन्हांकित किए गए असंगठित कर्मकार से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्राप्त कर उस पर आवेदक तथा अनुशंसाकर्ता अधिकारी के हस्ताक्षर एवं अन्य विवरण स्पष्ट अंकित होना चाहिए। असत्य जानकारी पाए जाने पर उसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व आवेदक का होगा। सत्यापन एवं पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद सम्बन्धित असंगठित कर्मकार जिस हितलाभ के लिए पात्र होंगे, उसे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
हितलाभ स्वीकृत करते समय असंगठित कर्मकार की पात्रता या आवेदन में दी गई जानकारी की सत्यता के सम्बन्ध में सक्षम प्राधिकारी के द्वारा पुन: कोई जांच नहीं की जाएगी। सक्षम प्राधिकारी यह देख लें कि आवेदक के द्वारा पंजीयन के समय दी गई जानकारी के सम्बन्ध में कोई शिकायत तो दर्ज नहीं है। हितलाभ प्राप्त करने के पश्चात किसी पंजीकृत कर्मकार के विरूद्ध असत्य जानकारी की शिकायत प्राप्त होती है तो शिकायत की जांच की जाएगी।

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