शिक्षक संवर्ग को नहीं मिला 7वां वेतनमान

18 सूत्रीय मांगों को लेकर अध्यापक संघ ने सौंपा ज्ञापन

सिवनी. राज्य शिक्षा सेवा में नव नियुक्त अध्यापक संवर्ग जो पुन: नवीन पद नाम से जाना जाएगा की समस्याओं मांगों के निराकरण एवं अपने वचन-पत्र के पालन किए जाने के संबंध में मंगलवार को विकासखण्ड घंसौर में अध्यापक नवीन शिक्षक संवर्ग के पदाधिकारियों ने अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रांतीय शिक्षक संघ विकासखण्ड घंसौर के ब्लॉक अध्यक्ष पंतलाल मर्रापा, मनोज यादव, मुकेश ठाकुर, मनीष मिश्रा, अरविंद रजक, रविशंकर तुलसीकर, भुवन सिंह मेश्राम, रामकुमार पटेल, मानकुमार यादव, संजू वर्मा, देवेंद्र यादव, राजेंद्र कटोरिया आदि ने बताया कि अध्यापक संवर्ग को नवीन शिक्षक संवर्ग में एक जुलाई 18 से नियुक्त कर 7वां वेतनमान देने के आदेश जारी किए गए हैं किंतु 16 माह बीत जाने के बाद भी अभी संवर्ग को सातवें वेतनमान का नगद लाभ नहीं दिया गया है। जिससे अध्यापक संवर्ग में काफी निराशा उत्पन्न हो गई है। शीघ्र ही सातवें वेतनमान का लाभ एक मुस्त एरियर सहित भुगतान करने के निर्देश जारी किया जाए।
इसी प्रकार अन्य मांगों में अध्यापक संवर्ग की छटवें वेतनमान की वेतन विसंगति तीन माह में दूर करने का कहा गया है। जो पूरा नही हुआ। पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। अध्यापक संवर्ग को 1994 वाला डाइंग कैडर पुनर जीवित कर शिक्षक संवर्ग मैं संविलियन कर उनके समान पूर्ण लाभ प्रदान किया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण के निराकरण हेतु अभियान चलाने का वचन पूर्ण किया जाए। विगत वर्षों में दिवंगत हुए अध्यापकों के आश्रितों को नियमों को शिथिल करते हुए तत्काल अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए। वर्ष 2013 में एइओ परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को तत्काल एइओ पद पर नियुक्त किया जाए।
रिक्त हुए पदों पर एक बार और ऑनलाइन स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए मौका दिया जाए ताकि शेष छूटे अध्यापक शिक्षकों को भी अपने मनचाहे स्थान पर सेवा का अवसर मिल सके।
गुरुजियो को क्रमोन्नति एवं पदोन्नती में सेवा की गणना के लिए प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि मान्य की जाए। स्कूलों में आज अनेक प्रकार के शिक्षण कार्यक्करम चल रहे है। जिसे तत्काल रोकते हुए पुरानी शिक्षण पद्धति से शिक्षण कार्य कराया जाए। इस प्रकार से अभी तो पढ़ाई के कोर्स भी समय से नही हो रहे है।
इस प्रकार से लगभग 18 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर अध्यापक नवीन शिक्षक संवर्ग की उक्त सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर आदेश जारी करने की बात कही गई।

santosh dubey
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned