शिक्षकों ने स्कूल में की शराब-मुर्गा पार्टी!

शिकायत कलेक्टर तक, दिए जांच के निर्देश, जांच कमेटी गठित

By: sunil vanderwar

Published: 28 Feb 2020, 05:21 PM IST

सिवनी. शिक्षा के मंदिर में जब शिक्षक ही गरिमा के विपरीत कार्य करने लगें, तो ऐसे शिक्षक को क्या कहा जाए। ऐसी ही शिकायत कलेक्टर तक पहुंची है। केवलारी विकासखण्ड के बनाथर गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षक की मौजूदगी में शराब-मुर्गा पार्टी होने की शिकायत कलेक्टर तक पहुंची है। समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने इस मामले की जांच के लिए डीईओ जीएस बघेल को निर्देशित किया है। डीइओ ने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई है।
जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल ने बताया कि शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला बनाथर के परिसर में गणतंत्र दिवस पर्व पर शिक्षकों द्वारा शराब-मुर्गा पार्टी का आयोजन किए जाने के सम्बंध में कलेक्टर को ग्रामीणों व पालक शिक्षक संघ द्वारा लिखित शिकायत की गई। शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर के द्वारा यह प्रकरण समय सीमा में निराकरण के लिए बैठक में लाया गया, जिस पर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया कि ग्रामीणों से प्राप्त शिकायत के अनुसार एक सहायक शिक्षक, दो महिला रसोईया एवं एक पुरूष रसोइया ने राष्ट्रीय पर्व में शाला भवन के अंदर शराब पी थी, इसके उपरांत शाला में कुछ बच्चों को मध्यान्ह भोजन परोसा, कुछ बच्चे इससे भी वंचित हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन बच्चे बताते हैं कि शाला में भर पेट भोजन नहीं परोसा जाता, रसोइये डिब्बे में भोजन रखकर अपने-अपने घर ले जाते हैं। पालक शिक्षक संघ द्वारा इस सम्बंध में जानकारी लेने पर रसोइये दुव्र्यवहार करते हैं।
बताया कि ग्रामीणों ने पालक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पंचेश्वर को एक लिखित पत्र सौंपा था। तब पंचेश्वर ने इस सम्बंध में प्रभारी प्रधानपाठक ज्ञानीराम सैयाम को भी इस सम्बंध में जानकारी दी थी। किंतु इनके द्वारा गंभीरता नहीं दिखाए जाने पर ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर उक्त शिकायती पत्र सौंपा।
जांच करने जाएगी कमेटी -
डीईओ ने कलेक्टर से टीएल प्रकरण क्रमांक १९०९ दिनांक ११ फरवरी २०२० प्राप्त होने पर दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। जिसमें सिवनी बीईओ पीएन वारेश्वा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रूमाल के शिक्षक राजेश बिसेन को जांच करने के लिए निर्देशित किया है। कहा है कि प्रकरण कलेक्टर द्वारा समय सीमा की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए आवेदन में उल्लेखित तथ्यों की सूक्ष्मता से जांच शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में की जाकर जांच प्रतिवेदन ०३ दिवस में प्रस्तुत किया जाए। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा गया है, क्योंकि प्रकरण समय सीमा की सूची में लम्बित है।

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